संघर्ष और आंदोलन के साथ सेवा और समर्पण एबीवीपी की कार्यशैली की मूल पहचान : प्रो तिवारी भारतीय भाषाओं के सुदृढ़ीकरण और भाषाई विविधता के संरक्षण में त्रि-भाषा नीति महत्त्वपूर्ण कदम: डॉ. सोलंकी भुवनेश्वर (ईएमएस)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक का भुवनेश्वर स्थित शिक्षा ओÓ अनुसंधान विश्वविद्यालय में शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो रघुराज किशोर तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र सिंह सोलंकी और राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने दीप प्रज्ज्वलन कर आयोजन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के आरंभ में उड़ीसा के पारंपारिक वाद्ययंत्र ढ़ोल तथा मृदंग की ताल से देशभर से आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया। राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक में अभाविप की वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य, शिक्षा व्यवस्था, युवाओं की भूमिका, राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक-आर्थिक विषयों तथा समसामयिक चुनौतियों में भूमिका पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है। बैठक में अखिल भारतीय विचार बैठक एवं संगठनात्मक विचार बैठक के बिंदुओं का अनुवर्तन, अभियानात्मक, कार्यक्रमात्मक एवं संगठनात्मक मूल्यांकन तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना निर्धारित की जाएगी। साथ ही छात्रसंघ चुनाव, सदस्यता विस्तार, परिसर इकाई गठन, राष्ट्रीय अधिवेशन 2026,सेल यात्रा, अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी संपर्क, स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइमÓ, वंदे मातरम् के 150 वर्षÓ, छात्रावास सर्वेक्षण, प्रा. यशवंतराव केलकर जन्मशती वर्ष, आपातकाल निषेध के 50 वर्ष, श्री गुरु तेगबहादुर बलिदान दिवस के 350 वर्ष तथा संत रविदास जी के 650वें प्राकट्योत्सव जैसे प्रमुख विषयों पर चिंतन-मंथन कर आगामी योजनाएं तय की जाएंगी। विभिन्न प्रांतों के विशेष अभियानों एवं नवाचारों का विश्लेषण करते हुए संगठनात्मक विकास के लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे तथा शिक्षा, वैश्विक परिदृश्य, महिला सुरक्षा, अर्बन नक्सल, राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे। अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी ने कहा कि, राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक में वर्तमान शैक्षिक एवं राष्ट्रीय परिस्थितियों के संदर्भ में अभाविप की भूमिका पर चर्चा होगी। साथ ही युवा भारत का आह्वानÓ विषय के अंतर्गत संगठन की शैक्षिक, सामाजिक एवं संगठनात्मक प्राथमिकताओं की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना पर विचार किया जाएगा। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठानÓ विधेयक, संघ शताब्दी वर्ष की योजनाओं तथा महारानी अहिल्याबाई होलकर जयंती, परिसर चलो अभियान, यशवंतराव केलकर जन्मशती वर्ष और स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइमÓ जैसे प्रमुख कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही स्टूडेंट्स फॉर सेवाÓ सहित विभिन्न सेवा गतिविधियों पर भी चर्चा होगी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि, भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक में शिक्षा, वैश्विक परिदृश्य, सेवा, खेल, पर्यावरण, तकनीकी सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। गत दिवस केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा त्रि-भाषा नीति को पूर्णत: लागू करने का निर्णय भारतीय भाषाओं के सुदृढ़ीकरण, भाषाई विविधता के संरक्षण तथा राष्ट्रीय एकात्मता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अभाविप इस नीति का स्वागत करती है और मानती है कि इसे भाषाई अभिजनवाद के संकीर्ण दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शैक्षिक सशक्तीकरण, भारतीय भाषाओं के संवर्धन तथा राष्ट्रीय एकता के व्यापक उद्देश्य के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। देश में रोजगार और उच्च शिक्षा के लिए निरंतर बढ़ रहे अंतर-राज्यीय प्रवास को देखते हुए भारतीय भाषाओं का ज्ञान छात्रों के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। अवसरों का आधार ज्ञान, कौशल और दक्षता होते हैं, भाषा उनके विस्तार का माध्यम है। संक्रमण काल के दौरान पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता और शिक्षकों की कमी जैसी व्यावहारिक चुनौतियों से निपटने के लिए बोर्ड द्वारा दिए गए लचीले समाधान सराहनीय हैं। अभाविप का मत है कि भाषाओं के अध्ययन के साथ-साथ बोर्ड परीक्षाओं को भी त्रि-भाषा व्यवस्था के अनुरूप आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि यह नीति और अधिक प्रभावी ढंग से लागू हो सके। इस बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, भारतीय भाषाओं के संवर्धन तथा त्रि-भाषा नीति के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। निश्चित रूप से यह नीति भारतीय भाषाओं के सुदृढ़ीकरण और भाषाई विविधता के संरक्षण में मील का पत्थर साबित होगी। अभाविप इस विषय को शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक परिवर्तन और राष्ट्रीय एकात्मता के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में देखती है तथा बैठक में इस संबंध में आवश्यक सुझावों और आगामी कार्ययोजना पर भी विचार किया जाएगा। आशीष पाराशर/ईएमएस/30/05/2026