नई दिल्ली (ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच एक संभावित शांति समझौते (सीजफायर डील) को लेकर बातचीत तेज हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सुरक्षा टीम ईरान के साथ एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रही है, जिसमें अस्थायी युद्धविराम को बढ़ाने और रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा पूरी तरह खोलने जैसे प्रावधान शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त प्रतिबंध, संवर्धित यूरेनियम के भंडार के निपटान और अंतरराष्ट्रीय निगरानी के तहत समझौते को लागू करने जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। वहीं अमेरिका की मांग है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से नौवहन पूरी तरह सुरक्षित और बिना किसी बाधा के हो। हालांकि ईरान ने अब तक किसी अंतिम समझौते से इनकार किया है और कहा है कि बातचीत अभी जारी है। ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, किसी भी डील में संप्रभुता और परमाणु अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के बीच लेबनान में इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच तनाव भी बना हुआ है, जिससे क्षेत्रीय स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। अमेरिका इस संघर्ष को व्यापक क्षेत्रीय शांति समझौते से जोड़ने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने पर सहमति बनती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजारों को बड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्ष किस हद तक समझौते के लिए तैयार होंगे। कुल मिलाकर, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है, लेकिन अंतिम समझौते को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सुबोध/३० -०५-२०२६