बदलापुर, (ईएमएस)। बदलापुर से सटे वांगणी क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ राजस्व विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक अवैध मकानों को ध्वस्त कर दिया। वांगणी पश्चिम स्थित एकविरा नगर इलाके में की गई इस कार्रवाई से चॉल माफियाओं में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों के अनुसार, वांगणी ग्राम पंचायत क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध चॉलों का निर्माण किया गया था। इन मकानों को सोशल मीडिया के माध्यम से सस्ते घरों के नाम पर गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेचा जा रहा था। शिकायतें मिल रही थीं कि इन अवैध बस्तियों में आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों का भी रहना बढ़ गया था, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि चॉल माफियाओं ने स्वतंत्रता सेनानियों की जमीन पर भी अवैध निर्माण कर रखे थे। सरकारी और निजी भूमि पर कब्जा कर बनाए गए इन मकानों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें की जा रही थीं। दरअसल वांगणी की सरपंच वनिता आढाव ने इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रशासन के समक्ष आवाज उठाई और कार्रवाई की मांग की। उनके लगातार प्रयासों और शिकायतों के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। अंबरनाथ के तहसीलदार अमित पुरी के नेतृत्व में राजस्व विभाग ने भारी पुलिस बल और प्रशासनिक टीम के साथ एकविरा नगर में अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान करीब 100 से अधिक अवैध मकानों को तोड़ दिया गया। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को सख्ती से अंजाम दिया। तहसीलदार अमित पुरी ने कहा कि राजस्व विभाग की इस कार्रवाई के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने भी राज्य राजमार्ग के किनारे किए गए अतिक्रमणों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बहरहाल स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कार्रवाई से न केवल चॉल माफियाओं पर लगाम लगेगी, बल्कि क्षेत्र में बढ़ रही अवैध गतिविधियों पर भी रोक लगेगी। हालांकि लोगों का ये भी कहना है कि जब अवैध निर्माण होते हैं तभी प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन उस वक्त कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। अब इसके पीछे क्या वजह है ये शोध का विषय है। संतोष झा- ३१ मई/२०२६/ईएमएस