राज्य
31-May-2026


पुणे, (ईएमएस)। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत के बाद महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। अवैध शराब कारोबार के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप में पुलिस और राज्य आबकारी (उत्पादन शुल्क) विभाग के कुल 22 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। दरअसल इस घटना ने पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खबर है कि राज्य आबकारी विभाग ने अपने 13 अधिकारियों को निलंबित किया है। इनमें तीन निरीक्षक (इंस्पेक्टर), छह उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) और चार अन्य कर्मचारी शामिल हैं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पुणे शहर पुलिस आयुक्तालय और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय के अधिकार क्षेत्र में हुई मौतों के बाद यह कार्रवाई की गई। पुणे के राज्य आबकारी विभाग के अधीक्षक अतुल कनाडे ने बताया कि जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद विभागीय जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वहीं, पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) सचिन हिरे ने जानकारी दी कि मामले में अब तक पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से दो आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को संदेह है कि दोनों आरोपी जहरीली शराब की सप्लाई चेन का हिस्सा थे। एसीपी सचिन हिरे ने बताया कि दापोडी क्षेत्र में मिलावटी शराब पीने से लोगों की मौत हुई है। इस मामले में सदोष मानव वध (कुलपेबल होमिसाइड) सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और मामले की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी ताकि मौतों के सही कारणों और शराब में मिले जहरीले तत्वों की पुष्टि हो सके। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि जहरीली शराब का निर्माण कहां हुआ, इसके वितरण में कौन-कौन लोग शामिल थे और किस स्तर पर लापरवाही बरती गई। गौरतलब है कि स्थानीय नागरिक लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि अवैध शराब की बिक्री को लेकर कई बार शिकायतें करने के बावजूद पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। ऐसे में इस दुखद घटना के बाद लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन अब अवैध शराब कारोबार के खिलाफ कड़ी और निरंतर कार्रवाई करेगा। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा विभागीय कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है। जहरीली शराब कांड ने एक बार फिर अवैध शराब के नेटवर्क और निगरानी तंत्र की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। जतिन/संतोष झा- ३१ मई/२०२६/ईएमएस