राज्य
31-May-2026


- 79 हजार एकड़ कृषि भूमि को मिलेगा जीवनदान - सिंचाई के लिए 850 क्यूसेक पानी छोड़ने का दिया आदेश - धान, केला और नारियल की फसलों को बड़ी राहत चेन्नई (ईएमएस)। तमिलनाडु की थलपति विजय सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए कन्याकुमारी जिले में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अहम आदेश जारी किया है। सरकार के इस फैसले के तहत कोडायार और पट्टनमकाल सिंचाई प्रणालियों से जुड़े चार प्रमुख बांधों—पेचीपराई, पेरुंचानी, चित्तर-I और चित्तर-II से पानी छोड़ा जाएगा। जल निकासी की यह प्रक्रिया 1 जून 2026 से शुरू होकर 28 फरवरी 2027 तक चलेगी, ताकि पूरे कृषि सीजन में फसलों को नियमित पानी मिल सके। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नहरों में पानी छोड़ने की यह प्रक्रिया जल की उपलब्धता और फसलों की जरूरत के आधार पर तय होगी। खेतों तक पर्याप्त जलापूर्ति के लिए 850 क्यूसेक की दर से पानी का बहाव सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम उन इलाकों के लिए बेहद जीवनदायी साबित होगा जहां खेती पूरी तरह सिंचाई पर निर्भर है और मानसून की अनिश्चितता के कारण फसलें प्रभावित होती हैं। इस सरकारी फैसले से कन्याकुमारी जिले के थोवलई, अगस्त्येश्वरम, कलकुलम, किलियूर, तिरुवट्टार और विलावन्कोड जैसे कई तालुकों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके दायरे में आने वाले विभिन्न गांवों की लगभग 79 हजार एकड़ कृषि भूमि को सीधा लाभ पहुंचेगा। इस जलापूर्ति से क्षेत्र की मुख्य फसलों, जैसे धान, केला और नारियल की खेती को नया जीवन मिलेगा, जिससे न केवल पैदावार बढ़ेगी बल्कि स्थानीय किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। सरकार की इस पहल को क्षेत्र में जल प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। रामयश/ईएमएस 31 मई 2026