अंतर्राष्ट्रीय
31-May-2026
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काठमांडू,(ईएमएस)। नेपाल और भारत के बीच हालिया तनाव के बाद रिश्तों में जमी बर्फ पिघलती दिख रही है। नेपाल की सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रवि लामिछाने महत्वपूर्ण पांच दिवसीय दौरे पर भारत आ रहे हैं, जहां वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई शीर्ष भारतीय अधिकारियों से मुलाकात करने वाले है। यह दौरा तब हो रहा है जब बालेन शाह सरकार के सीमा संबंधी मुद्दों को हवा देने और अन्य मतभेदों के चलते दोनों पड़ोसी देशों के संबंध तनावपूर्ण बने थे। आरएसपी प्रमुख लामिछाने की यात्रा दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और भविष्य के सहयोग के लिए महत्वपूर्ण कदम है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लामिछाने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निमंत्रण पर 1 से 5 जून तक नई दिल्ली की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे है। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी निकिता पौडेल और पार्टी के दो वरिष्ठ नेता बिपिन आचार्य तथा दीपक बोहरा भी साथ आ रहे है। सूत्रों के मुताबिक, लामिछाने की 2 जून को प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त, वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और भाजपा अध्यक्ष नतिन नवीन सहित अन्य प्रमुख भारतीय हस्तियों से भी मुलाकात करने का प्रोग्राम है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और आरएसपी और भाजपा के बीच पार्टी-स्तरीय संबंधों को बढ़ाना है। गौरतलब है कि नेपाल में मार्च में हुए चुनावों में आरएसपी की प्रचंड जीत के बाद नई दिल्ली ने काठमांडू के मेयर बालेन शाह और रवि लामिछाने दोनों को आमंत्रित किया था, लेकिन शाह ने एक साल तक कोई विदेशी दौरा न करने का फैसला किया था। इसके बाद नई सरकार बनने के बाद लामिछाने भारत की यात्रा करने वाले पहले प्रमुख नेपाली नेता है। यह यात्रा हाल ही में लिपुलेख सीमा विवाद को लेकर बढ़े तनाव और भारत द्वारा सीमा पार से लाए गए 100 रुपये से अधिक के नेपाली सामान पर कस्टम ड्यूटी लगाने के फैसले के बाद हो रही है। इन्हीं तनावों के चलते भारतीय विदेश सचिव मिसरी का नेपाल दौरा टल गया था। लामिछाने 4 जून को नई दिल्ली के लाजपत भवन ऑडिटोरियम में भारत में रहने वाले नेपालियों को संबोधित करने वाले है। जिसकी जानकारी आरएसपी के फेसबुक पेज पर दी गई है। उनके अयोध्या या आगरा जैसे किसी प्रतिष्ठित भारतीय स्थान का दौरा करने की भी संभावना है, जो पहले तीन दिनों के लिए निर्धारित दौरे को दो दिन और बढ़ाए जाने के बाद संभव हो पाया है। हालांकि, लामिछाने की इस महत्वपूर्ण यात्रा को लेकर नेपाल सरकार ने खुद को अलग कर लिया है। नेपाल सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि लामिछाने अपनी निजी हैसियत से भारत आ रहे हैं और उनकी यात्रा का प्रधानमंत्री या आधिकारिक सरकारी गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है। आशीष दुबे / 31 मई 2026