अंतर्राष्ट्रीय
31-May-2026
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120000 किमी की स्पीड से गिरा आग का गोला वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका के बोस्टन सहित न्यू इंग्लैंड इलाके में शनिवार दोपहर अचानक एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी, जिससे स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि लोगों को किसी बड़े बम विस्फोट या भूकंप का अहसास हुआ और कई लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर भी इस घटना से जुड़े वीडियो और पोस्ट की बाढ़ आ गई। हालांकि, कुछ ही समय बाद नासा ने इस रहस्य से पर्दा उठाते हुए साफ किया कि यह कोई आतंकी हमला, सैन्य परीक्षण या भूकंप नहीं था, बल्कि अंतरिक्ष से पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल हुआ एक विशाल उल्कापिंड था, जो हवा में ही ब्लास्ट हो गया। नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस फायरबॉल यानी आग के गोले जैसे उल्कापिंड को स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 2 बजकर 6 मिनट पर दर्ज किया गया। यह उल्कापिंड लगभग 1,20,700 किलोमीटर प्रति घंटे की अत्यंत तीव्र रफ्तार से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा था। यह उत्तर-पूर्वी मैसाचुसेट्स और दक्षिण-पूर्वी न्यू हैम्पशायर के ऊपर करीब 64 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचा ही था कि अत्यधिक घर्षण के कारण कई टुकड़ों में टूट गया। इसी दौरान वह गगनभेदी धमाका हुआ जिसकी गूंज और कंपन धरती तक महसूस की गई। वैज्ञानिकों ने बताया कि उल्कापिंड के फटने से निकली ऊर्जा लगभग 300 टन टीएनटी विस्फोटक के बराबर थी। इसकी भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि साल 2020 में लेबनान के बेरूत बंदरगाह पर हुआ विनाशकारी धमाका भी करीब 200 से 400 टन टीएनटी के बराबर था, जिसने आधे शहर को तबाह कर दिया था। यही वजह थी कि इस अंतरिक्षीय विस्फोट से धरती की सतह पर भी हल्का कंपन महसूस किया गया। इस घटना के बाद वाटरटाउन पुलिस विभाग और मैसाचुसेट्स ऑफिस ऑफ पब्लिक सेफ्टी एंड सिक्योरिटी के पास लगातार घबराए हुए लोगों के फोन आने लगे। हालांकि, प्रशासन और वैज्ञानिकों ने राहत की सांस ली क्योंकि यह उल्कापिंड जमीन से करीब 40 मील ऊपर ही नष्ट हो गया, जिससे किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या आगजनी की कोई खबर नहीं आई। नासा ने स्पष्ट किया कि यह कोई अंतरिक्ष का मलबा या पुराना सैटेलाइट नहीं था, बल्कि एक प्राकृतिक खगोलीय पिंड था। वैज्ञानिकों के मुताबिक ऐसे बड़े और तीव्र गति वाले फायरबॉल का वायुमंडल में आना दुर्लभ होता है, और गनीमत रही कि यह धरती पर टकराने से पहले ही हवा में विलीन हो गया। वीरेंद्र/ईएमएस/31मई 2026