जिनेवा,(ईएमएस)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने इबोला संकट से जूझ रहे देशों से सीमाओं पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों और सीमा बंदी को हटाने की अपील की है। उन्होंने खासकर कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) और युगांडा में फैले प्रकोप के मद्देनजर इसतरह के कदमों को अहितकर बताया। इतुरी प्रांत की राजधानी बुनिया में आयोजित कार्यकम में टेड्रोस ने जोर दिया कि इसतरह के प्रतिबंध राहत और बचाव कार्यों में बाधा डालते हैं, जिससे जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली पारदर्शिता और जनता का भरोसा कम होता है। बुनिया इस समय इबोला प्रकोप का मुख्य केंद्र बना हुआ है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने उन सभी देशों से अपने फैसलों पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है, जिन्होंने यात्रा प्रतिबंध लागू किए हैं या अपनी सीमाएं बंद की हैं। उन्होंने कहा कि इसतरह के कदम बीमारी से लड़ने के प्रयासों को जटिल बनाते हैं और लोगों में पारदर्शिता व भरोसे को कम करते हैं, जबकि यही चीजें लोगों की जान बचाने में मदद करती हैं। टेड्रोस ने बताया कि बुनिया की उनकी यात्रा का एक उद्देश्य प्रकोप से प्रभावित समुदायों से सीधे मिलना और उनकी स्थिति को समझना भी है। उन्होंने कहा कि भले ही बीमारी के लिए अभी कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष दवा उपलब्ध न हो, लेकिन समय पर और अच्छी चिकित्सा सुविधा मिलने पर मरीजों के ठीक होने की संभावना काफी बढ़ती है। इस प्रकोप में अब तक एक हजार से अधिक संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। उधर, युगांडा में भी नौ मामलों की पुष्टि हुई है, जिसमें राजधानी कंपाला में हाल ही में पाए गए दो नए संक्रमण शामिल हैं। डीआरसी के स्वास्थ्य मंत्री रोजर कंबा ने भरोसा जताया है कि उनका देश सबसे अच्छी स्थिति में इस प्रकोप को चार से छह महीनों के भीतर नियंत्रित करके समाप्त कर सकता है। यह अनुमान देश के पिछले महामारी नियंत्रण अनुभव और इबोला वायरस की प्रकृति पर आधारित है। उन्होंने बताया कि फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता वायरस को तीन प्रभावित प्रांतों - इतुरी, नॉर्थ किवु और साउथ किवु तक सीमित रखना और इसे आगे फैलने से रोकना है। कंबा ने यह भी स्पष्ट किया कि देश की लैब जांच क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। लगभग 900 नमूनों की जांच की गई है, जिनमें से करीब 260 पॉजिटिव पाए गए। अब किसी भी नमूने की जांच लंबित नहीं है और देश के पास रोजाना 200 या 300 नमूनों तक की जांच करने की पर्याप्त क्षमता है। आशीष दुबे / 31 मई 2026