पाकिस्तान को दी खुली सैन्य धमकी काबुल(ईएमएस)। रूस यात्रा से वापस आते ही तालिबान के रक्षा मंत्री मुल्ला मोहम्मद याकूब मुजाहिद के तेवर पूरी तरह बदले हुए नजर आ रहे हैं। रूस के साथ एक महत्वपूर्ण सैन्य सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर करने के ठीक बाद उन्होंने पड़ोसी देश पाकिस्तान को सीधी और खुली चेतावनी दे दी है। काबुल हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुल्ला याकूब ने कहा कि अब अफगानिस्तान की सीमा में घुसकर हवाई हमले करना पहले जितना आसान नहीं रहने वाला है। पाकिस्तान द्वारा हाल ही में किए गए हवाई हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि कुछ समय पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के विभिन्न हिस्सों पर बमबारी करने का दुस्साहस दिखाया था, लेकिन तालिबान सरकार अब ऐसे पुख्ता इंतजाम कर रही है कि भविष्य में पाकिस्तान फिर कभी ऐसा करने की हिम्मत न जुटा सके। तालिबान के किसी शीर्ष नेता की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ यह अब तक का सबसे तीखा और सीधा बयान माना जा रहा है। मुल्ला याकूब इसी सप्ताह रूस में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच की बैठक में शामिल होने मॉस्को गए थे, जहाँ भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी उपस्थित थे। रूस द्वारा तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता दिए जाने के बाद यह पहला ऐसा बड़ा सुरक्षा मंच था, जिसमें तालिबान ने हिस्सा लिया। इस यात्रा के दौरान रूस और तालिबान के बीच एक व्यापक सैन्य-तकनीकी सहयोग समझौते पर मुहर लगी है। हालांकि इस समझौते की पूरी जानकारियां अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं, लेकिन रक्षा गलियारों में यह चर्चा तेज है कि दोनों देशों के बीच बातचीत सिर्फ पुराने हथियारों की मरम्मत तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें आधुनिक सैन्य उपकरणों की आपूर्ति और एयर डिफेंस क्षमता को मजबूत करना भी शामिल था। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि तालिबान रूस को अत्याधुनिक हवाई रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस सिस्टम) देने के लिए राजी करने में सफल रहा है। इसके तहत अफगानिस्तान को रूस से एस-400, एस-300 या पैंटसिर जैसी घातक मिसाइल प्रणालियां मिल सकती हैं। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान को एक बेहद मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम की सख्त जरूरत है और आने वाले समय में वे यह तय करेंगे कि यह तकनीक किन देशों से हासिल की जाए। तालिबान का यह रुख सीधे तौर पर पाकिस्तान को ध्यान में रखकर तय किया गया है। दरअसल, पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान ने आतंकवाद विरोधी अभियानों के नाम पर कई बार अफगान सीमा में घुसकर हवाई और रॉकेट हमले किए हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि उसकी संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने वाले आतंकी संगठन अफगानिस्तान की जमीन से अपनी गतिविधियां चला रहे हैं, जबकि तालिबान इन दावों को खारिज करता आया है। अब रूस के साथ सैन्य जुड़ाव बढ़ाकर तालिबान अपने हवाई क्षेत्र को अभेद्य बनाने की कोशिश में है, जिसने पाकिस्तान की चिंताओं को बढ़ा दिया है। वीरेंद्र/ईएमएस/31मई 2026