ई-केवाईसी विस्तार की उम्मीद समाप्त मुंबई (ईएमएस)। महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना के भविष्य को लेकर चल रही तमाम अटकलों के बीच महत्वपूर्ण खबर आई है। सरकारी सत्यापन अभियान के बाद योजना की लाभार्थी सूची से 80 लाख महिलाओं के नाम हटाए गए हैं, जिसके चलते अब कुल लाभार्थियों की संख्या 2.46 से घटकर 1.66 करोड़ बची है। महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की समयसीमा को आगे बढ़ाने या नए लाभार्थियों को जोड़ने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। यह फैसला 30 अप्रैल को समाप्त हुई ई-केवाईसी मुहिम के बाद आया है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, उन महिलाओं की अपील के बावजूद तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी जिनकी ई-केवाईसी अधूरी रह गई थी। 80 लाख नामों के हटने के पीछे मुख्य कारण निर्धारित समय तक ई-केवाईसी पूरा न कर पाना, दस्तावेजों का अधूरा या गलत होना, योजना के पात्रता मानदंडों को पूरा न कर पाना और व्यक्तिगत जानकारी में गड़बड़ी होना बताया गया है। अधिकारियों ने बताया कि महायुति सरकार ने नवंबर 2023 से ई-केवाईसी की समयसीमा को कई बार बढ़ाया था और 30 अप्रैल को अंतिम तारीख घोषित की थी। इस बड़े पैमाने पर सूची से नाम हटने से प्रभावित महिलाओं में भारी नाराजगी है। पुणे में कई महिलाओं ने अपनी मासिक आर्थिक सहायता रुकने पर चिंता जाहिर की है, जो उनके घरेलू खर्चों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार पिछली बार की तरह इस बार भी तारीख बढ़ाएगी, जिसकी वजह से उनकी मासिक किस्तें अचानक रुक गई हैं। हालांकि, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज कर दिया है कि इस योजना को बंद किया गया। डिप्टी सीएम शिंदे ने कि सरकार महिलाओं और किसानों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है और इस पहल के बजट में कोई कटौती नहीं की जाएगी। महायुति सरकार द्वारा 2024 विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की गई इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह योजना राज्य के खजाने पर सालाना 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय बोझ डालती है, जो इसकी निरंतरता और पात्रता सत्यापन के महत्व को दर्शाता है। आशीष दुबे / 31 मई 2026