दूसरे एफओबी फुट ओवर ब्रिज के प्रस्ताव को सीआरएस ने रद्द किया जबलपुर (ईएमएस)। मदन महल रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की महत्वाकांक्षी योजना को बड़ा झटका लगा है। स्टेशन के जबलपुर छोर की तरफ प्रस्तावित दूसरे फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) के निर्माण की योजना रेलवे सेफ्टी कमिश्नर (सीआरएस) द्वारा निरस्त कर दी गई है। इसके साथ ही इस हिस्से में प्रस्तावित एस्केलेटर और लिफ्ट की सुविधा का रास्ता भी फिलहाल बंद हो गया है। ऐसे में यात्रियों को स्टेशन के दूसरे छोर तक पहुंचने के लिए लंबे समय तक मौजूदा व्यवस्था पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। रेलवे सूत्रों के अनुसार मदन महल स्टेशन के पुनर्विकास की योजना तैयार करते समय स्टेशन के दोनों छोर पर फुट ओवर ब्रिज, एस्केलेटर और लिफ्ट की सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव बनाया गया था। योजना के तहत इटारसी एंड की ओर आधुनिक फुट ओवर ब्रिज, एस्केलेटर और लिफ्ट का निर्माण किया गया, जिसका लाभ यात्रियों को मिल रहा है। लेकिन जबलपुर एंड पर इसी तरह की सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव अब ठंडे बस्ते में चला गया है। चौड़ाई बनी सबसे बड़ी बाधा .... जानकारी के मुताबिक स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-2 और 3 की सीमित चौड़ाई इस परियोजना के सामने सबसे बड़ी तकनीकी बाधा बन गई। प्रस्तावित फुट ओवर ब्रिज के साथ एस्केलेटर और लिफ्ट भी स्थापित किए जाने थे, लेकिन प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण सुरक्षा और संचालन संबंधी मानकों को पूरा करना संभव नहीं माना गया। सूत्र बताते हैं कि इसी तकनीकी कारण के चलते रेलवे सेफ्टी कमिश्नर ने प्रस्ताव पर आपत्ति जताई और अंततः इसे निरस्त कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान स्वरूप में प्लेटफॉर्म की चौड़ाई बढ़ाए बिना इस तरह की संरचना का निर्माण करना चुनौतीपूर्ण होगा। यात्रियों को होगी असुविधा... मदन महल स्टेशन से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं। स्टेशन के जबलपुर छोर पर दूसरा फुट ओवर ब्रिज बनने से यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में सुविधा मिलने की उम्मीद थी। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के लिए एस्केलेटर एवं लिफ्ट बड़ी राहत साबित होते। अब इस योजना के रद्द होने से यात्रियों को स्टेशन के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ सकता है। भविष्य में ट्रेनों की संख्या और यात्री भार बढ़ने पर यह समस्या और गंभीर हो सकती है। अधूरा रह गया आधुनिकीकरण... रेलवे द्वारा मदन महल स्टेशन को जबलपुर रेलवे स्टेशन की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनाई गई थी। दोनों छोर पर आधुनिक फुट ओवर ब्रिज और यात्री सुविधाओं की व्यवस्था इसी विजन का हिस्सा थी। लेकिन तकनीकी बाधाओं के कारण अब स्टेशन विकास की यह महत्वपूर्ण कड़ी अधूरी रह गई है। रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में प्लेटफॉर्म के विस्तार या पुनर्संरचना की कोई योजना बनती है, तभी इस परियोजना को दोबारा जीवित किया जा सकता है। शुरू होगी पार्सल बुकिंग सुविधा..... हालांकि यात्रियों को जहां एक ओर झटका लगा है, वहीं व्यापारियों और छोटे कारोबारियों के लिए अच्छी खबर है। मदन महल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-4 की ओर पार्सल बुकिंग कार्यालय तैयार किया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद यहां से पार्सल बुकिंग और डिलीवरी दोनों की सुविधा उपलब्ध होगी। रेलवे का मानना है कि मदन महल स्टेशन से प्रारंभ होने वाली ट्रेनों के जरिए माल भेजने और प्राप्त करने में स्थानीय व्यापारियों को सुविधा मिलेगी। इससे जबलपुर स्टेशन पर पड़ने वाला दबाव भी कुछ हद तक कम हो सकता है। सुनील /शहबाज / 31 मई 2026/ 07.00