दिल्ली-हरियाणा से मंगवाया जाता था, ऑनरेक्स व ऑफ कफ सिरप - पुरानी बॉटल से बैच नंबर, एक्सपायरी डेट हटाकर चिपका देते नए रैपर - एक साल में भोपाल सहित आसपास के ग्रामीण इलाको में खप चुकी है हजारो पेटियां भोपाल(ईएमएस)। एसटीएफ द्वारा शुक्रवार को गांधी नगर की पटेल सिटी में पकड़ी गई करीब डेढ़ करोड़ की नशीले कफ सिरप की अवैध फैक्ट्री के बाद भोपाल में एसटीएफ की दूसरी बड़ी कार्यवाही करते हुए मुबारकपुर से 50 लाख रुपए की नशीली कफ सिरप और जप्त की है। जानकारी के अनुसार भोपाल में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 30-31 मई की रात मुबारकपुर एयरपोर्ट रोड क्षेत्र में छापेमारी कर करीब 50 लाख रुपये कीमत की नशीली कफ सिरप बरामद की है। बरामद कफ सिरप में ऑफ-कफ और ऑनरेक्स ब्रांड शामिल हैं। - एक साल में खप चुकी है, 12 हजार से अधिक पेटियां दिल्ली और हरियाणा से मंगवाई जाती थीं सिरप की पेटिंया जॉच में सामने आया है की इस फैक्ट्री से पिछले एक साल में भोपाल, विदिशा, राजगढ़, सीहोर और नर्मदापुरम में 12 हजार से ज्यादा पेटियां सप्लाई की गई थीं। फैक्ट्री में सप्ताह में दो बार 125-125 पेटियां दिल्ली और हरियाणा से मंगवाई जाती थीं। एक पेटी में 120 शीशियां आती हैं, और प्रत्येक शीशी की एमआरपी 201 रुपए थी। - 10 गिरफ्तार, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट हटाकर चिपकाते थे नए रैपर मामले में एसटीएफ 75 हजार से ज्यादा शीशियां जब्त कर 7 आरोपियों सहित 3 नाबालिगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में तीन अन्य नाम भी सामने आए हैं। फिलहाल एसटीएफ आरोपियों के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। आरोपी दिल्ली और हरियाणा से ऑनरेक्स व ऑफ कफ सिरप मंगवाते और पुरानी बोतलों से बैच नंबर और एक्सपायरी डेट हटाकर नए रैपर चिपकाए जाते थे। - देहात इलाको में होती थी सप्लाई ग्रामीण क्षेत्रो से कराया जाता था पैकिंग का काम गिरोह द्वारा सिरप की सप्लाई देहात और आसपास के जिलों के ऐसे मेडिकल में की जाती थी, जहां बैच नंबर, एक्सपायरी की जांच नहीं होती थी। राजगढ़ का एक आरोपी फैक्ट्री में काम करने के लिये श्यामपुर-दोराहा से लोगों को काम के लिए लाया था। - लाने से लेकर खपाने तक बंटे हुए थे गिरोह के सदस्यो के काम जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पूरे अवैध कारोबार को अलग-अलग टीमों में बांट रखा था। सभी आरोपी अपनी-अपनी जिम्मेदारी के अनुसार काम करते थे, जिससे पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचा जा सके। जानकारी के मुताबिक मुख्य आरोपी अकील खान और उसके दो साथी नशीले कफ सिरप को भोपाल शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में खपाने का काम करते थे। इसके लिए लोडिंग वाहनों का इस्तेमाल किया जाता था। सिरप को विभिन्न स्थानों तक पहुंचाकर अवैध रूप से बेचा जाता था। वहीं चार अन्य आरोपी सिरप के स्टॉक को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने, उसे सुरक्षित रखने और पैकेजिंग बदलने का काम करते थे। - दो आरोपी फरार, तलाश में दो टीमें मामले में दो आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की दो विशेष टीमें गठित की गई हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही तकनीकी सुरागो की मदद से उनकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। जुनेद / 31 मई