क्षेत्रीय
31-May-2026
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- क्राइम सीन से छेड़छाड़, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल सबूतों पर फोकस भोपाल(ईएमएस)। एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत में मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम रिमांड के दौरान पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह से कई अहम बिंदुओं पर जवाब तलब कर रही हैं। जांच का फोकस कथित क्राइम सीन से छेड़छाड़, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल सबूतों को सुरक्षित से जुड़े पहलुओं पर है। सूत्रों के मुताबिक गिरिबाला सिंह लगातार बेचैनी की परेशानी बताते हुए सवालो से बचने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, सीबीआई की ओर से एक महिला डीएसपी उनसे लगातार पूछताछ कर रही हैं। सूत्रों की मानी जाये तो टीम जांच एजेंसी ने पूर्व जज से पूछा कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में लगाए गए गंभीर आरोपों पर उनका क्या स्पष्टीकरण है और शिकायतकर्ता पक्ष के आरोपों के बावजूद उनकी भूमिका को सीमित क्यों माना जाए। हालांकि, गिरिबाला सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बता रही हैं। उन्होंने सीबीआई के सामने यह आशंका भी व्यक्त की कि गर्भपात के बाद अवसाद में आने के कारण ट्विशा ने आत्मघाती कदम उठाया हो सकता है। - डिजिटल सबूतो के संबध में पूछताछ पर फोकस सीबीआई ने वॉट्एसऐप चैट और दूसरे डिजिटल सबूतों को पूछताछ का प्रमुख आधार बनाया है। एजेंसी ने शादी के बाद ट्विशा शर्मा और ससुराल पक्ष के संबंधों, संभावित विवादों और मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से जुड़े आरोपों पर विस्तृत जवाब मांगे हैं। इसके अलावा ट्विशा की गर्भावस्था को लेकर परिवार में हुई चर्चाओं और उस पर कथित दबाव डाले जाने के आरोपों के संबंध में भी सीबीआई ने कई सवाल पूछे हैं। साथ ही यह स्पष्ट करने को कहा गया कि क्या जानबूझकर जांच से दूरी बनाई गई थी या किसी दस्तावेज, संचार रिकॉर्ड अथवा अन्य साक्ष्यों को छिपाने का प्रयास किया गया था। गिरिबाला सिंह ने किसी भी प्रकार के साक्ष्यों से छेड़छाड़ या उन्हें छिपाने के आरोपों से साफ इनकार किया है। - पूछताछ का अहम बिंदु, पार्लर से सीसीटीवी निकालने वालो को किसने और क्यों भेजा पूछताछ का सबसे अहम बिंदु कथित डिजिटल साक्ष्यों से जुड़ा रहा। जांचकर्ताओं ने पार्लर के सीसीटीवी फुटेज का जिक्र करते हुए पूछा कि फुटेज निकालते दिखाई दिए तीन लोगो को वहां किसने और क्यो भेजा था। एजेंसी ने यह भी जानना चाहा कि क्या यह कार्रवाई साक्ष्य सुरक्षित करने के उद्देश्य से की गई थी या डिजिटल रिकॉर्ड के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ का प्रयास था। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी अब गवाहों के बयान, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल डिवाइसों से प्राप्त डेटा और पूछताछ के दौरान दिए गए जवाबों का आपस में मिलान कर रही है। मानना है कि इन तथ्यों की गहन छानबीन से यह साफ हो सकेगा कि घटना के बाद साक्ष्यों को प्रभावित करने या जांच की दिशा बदलने का कोई प्रयास किया गया था या नहीं। उल्लेखनीय है की 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स थाना इलाके में ट्विशा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी, उसका शव फंदे पर लटका मिला था। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। जुनेद / 31 मई