- कपड़े बर्तन बेचने की आड़ में युवतियो से लेकर घरेल महिलॉए तक कर रही तस्करी भोपाल(ईएमएस)। राजधानी में ड्रग माफिया लगातार सक्रिय होता जा रहा है। नशीला माल खपाने के लिए तस्कर नये-नये हथकंडे अपना रहे हैं। सूत्रो के मुताबिक कपड़े, बर्तन व अन्य सामान बेचने की आड़ में महिलाएं नशीले पदार्थो की सप्लाई कर रही है। गांजा तस्करी में ड्रग माफिया अब महिलाओं का ज्यादा इस्तेमाल कर रहा है। पुलिस से बचने ये महिलाएं कपड़े, बर्तन व अन्य सामान बेचने की आड़ में महिलाएं नशा पहुंचा रही है। महिलाओं पर शक कम होने कारण ये आसानी से पकड़ में भी नहीं आती हैं। आंकड़ो पर नजर डाली जाये तो साल 2023 से अप्रैल 2026 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत राजधानी में 583 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, इनमें 81 महिलाएं और 502 पुरुष शामिल हैं। रिकॉर्ड बताते हैं कि गांजा तस्करी के मामलों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत है। इनमें 20 साल की युवती से लेकर 60 साल तक की महिलाएं शामिल हैं। गृहिणी, मजदूर वर्ग और झुग्गी बस्तियों में रहने वाली महिलाएं गांजा तस्करी में ज्यादा सक्रिय है। रिकॉर्ड के अनुसार महिलाओं की संख्या 2023 में 15 प्रतिशत से दोगुनी होकर 2024 में 31 प्रतिशत हो गई। हालांकि कुछ मामलों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत ही है। वहीं 2026 के शुरूआती 4 महीनों में ही 16 महिलाएं गांजा तस्कारी में गिरफ्तार हो चुकी है। जुनेद / 31 मई