गढ़वा(ईएमएस)।सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने रविवार को हासनदाग बालू घाट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान घाट पर बड़े पैमाने पर अव्यवस्था और नियमों की अनदेखी उजागर हुई। निरीक्षण के समय नदी क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक ट्रैक्टर बालू के उठाव में लगे पाए गए। हालांकि, एसडीएम के काफिले को अचानक आते देख बालू घाट पर अफरा-तफरी मच गई। करीब दस से अधिक ट्रैक्टर चालक नदी में ही बालू पलटकर वाहन समेत मौके से फरार हो गए।वहीं, जांच के दौरान केवल तीन ट्रैक्टर चालक ही पंचायत द्वारा निर्गत वैध चालान प्रस्तुत कर सके।निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि जो ट्रैक्टर चालक बालू पलटकर भागे, उनके पास संभवतः वैध चालान नहीं था।मौके पर स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित मुखिया द्वारा अपने आवास से ही बालू का चालान निर्गत किया जाता है।घाट पर चालान काटने या बालू उठाव का कोई भी समुचित सरकारी अभिलेख (रिकॉर्ड) उपलब्ध नहीं पाया गया। इसके अलावा, वहां ऐसी कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं मिली जिससे यह पता चल सके कि किस व्यक्ति के नाम पर चालान कटा है और कौन बालू का परिवहन कर रहा है।निरीक्षण के दौरान कई ऐसे ट्रैक्टर भी पाए गए, जिन पर पंजीकरण संख्या (नंबर प्लेट) अंकित नहीं थी। इस पर एसडीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में बिना नंबर वाले वाहनों के बालू ढोते पाए जाने पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ कड़ी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।घाट पर पाई गई इस घोर अव्यवस्था और अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम संजय कुमार ने संबंधित मुखिया से कारण बताओ स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगा है. एसडीएम ने उपस्थित लोगों और वाहन चालकों से अपील की कि वे पंचायत द्वारा निर्धारित मात्र 100 का सरकारी चालान कटवाने के बाद ही बालू का उठाव करें।उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के लिए बालू बेहद आवश्यक है, लेकिन इसका उठाव हर हाल में निर्धारित नियमों और वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप ही होना चाहिए।प्रशासन का मुख्य उद्देश्य खनिज संसाधनों का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करना और अवैध खनन पर लगाम लगाना है। कर्मवीर सिंह/31मई/26