राज्य
31-May-2026
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* अहमदाबाद सिविल अस्पताल में वर्ष 2025-26 के दौरान दुर्लभ रक्तस्राव रोग से पीड़ित मरीजों को मिला नि:शुल्क उपचार अहमदाबाद (ईएमएस)| मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यह बात गुजरात के स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने कही। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने हीमोफीलिया जैसे दुर्लभ और गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों के लिए एक अत्यंत संवेदनशील और जीवनरक्षक पहल शुरू की है। इस पहल के तहत सिविल अस्पताल अहमदाबाद में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान मात्र एक वर्ष में हीमोफीलिया के 669 मरीजों को 17 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के इंजेक्शन पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा राज्य की सभी सरकारी अस्पतालों में जरूरतमंद मरीजों के लिए महंगे माने जाने वाले क्लॉटिंग फैक्टर इंजेक्शन भी सरकार द्वारा मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने कहा कि राज्य के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को महंगे चिकित्सा उपचार के आर्थिक बोझ से राहत दिलाने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। हीमोफीलिया मरीजों के लिए आवश्यक क्लॉटिंग फैक्टर इंजेक्शन अत्यंत महंगे होते हैं, जिन्हें सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर मरीज खरीदने में सक्षम नहीं होते। मरीजों की इस परेशानी को समझते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली सरकार ने जीएमईआरएससीएल के माध्यम से इन महंगे इंजेक्शनों की बड़े पैमाने पर खरीद की है। * क्या है हीमोफीलिया? हीमोफीलिया एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है, जो रक्त को जमाने वाले आवश्यक क्लॉटिंग फैक्टर-7, 8 और 9 की जन्मजात कमी के कारण होती है। इन क्लॉटिंग फैक्टरों की कमी से रक्त के थक्के बनने की प्राकृतिक क्षमता प्रभावित हो जाती है। परिणामस्वरूप, मरीज को मामूली चोट लगने या कभी-कभी बिना किसी स्पष्ट कारण के भी शरीर के अंदर या बाहर रक्तस्राव शुरू हो सकता है, जो लंबे समय तक जारी रह सकता है। ऐसी स्थिति में मरीज का जीवन बचाने के लिए तुरंत क्लॉटिंग फैक्टर इंजेक्शन देना आवश्यक हो जाता है। * एक वर्ष में दिए गए हजारों जीवनरक्षक इंजेक्शन अहमदाबाद सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान मरीजों को कुल 17 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के इंजेक्शन नि:शुल्क प्रदान किए गए। * इनमें शामिल हैं: 2,095 फैक्टर-8 इंजेक्शन 1,100 फैक्टर-9 इंजेक्शन 397 फैक्टर-7 इंजेक्शन 103 फैक्टर-9 इनहिबिटर 278 फैक्टर-8 इनहिबिटर 626 FEIBA इंजेक्शन 243 एमिसिज़ुमाब इंजेक्शन डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि मरीज के शरीर में जिस क्लॉटिंग फैक्टर की कमी होती है, उसी विशेष प्रोटीन (फैक्टर) को सीधे इंजेक्शन के रूप में दिया जाता है। ये इंजेक्शन रक्तस्राव को रोकने और मरीज का जीवन बचाने में अत्यंत प्रभावी साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आर्थिक सहयोग और संवेदनशील दृष्टिकोण के कारण ही सिविल अस्पताल में मरीजों को यह महंगा उपचार पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप सैकड़ों लोगों का जीवन बचाया जा सका है। * दुर्लभ रोगों के खिलाफ मजबूत सरकारी संकल्प राज्य सरकार की यह मानवीय और दूरदर्शी पहल हीमोफीलिया जैसे दुर्लभ एवं गंभीर रोग से जूझ रहे मरीजों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही यह भी स्पष्ट करती है कि जरूरतमंद नागरिकों को महंगे उपचार से वंचित न होना पड़े, इसके लिए सरकार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सतीश/31 मई