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01-Jun-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। गर्मियों के मौसम में बढ़ते तापमान के कारण कई लोग सामान्य हवा की जगह टायरों में नाइट्रोजन गैस भरवाना बेहतर मानते हैं। दावा किया जाता है कि नाइट्रोजन गैस से टायर लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं और उनका तापमान भी नियंत्रित रहता है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार इसका फायदा हर स्थिति में नहीं मिलता। दरअसल वातावरण में पहले से ही करीब 78 प्रतिशत नाइट्रोजन मौजूद होती है। जब किसी वाहन के टायर में सामान्य हवा भरी जाती है, तब उसमें भी बड़ी मात्रा में नाइट्रोजन शामिल रहती है। ऐसे में केवल बाकी हिस्से के लिए अलग से नाइट्रोजन गैस भरवाने का असर सामान्य उपयोग में बहुत ज्यादा दिखाई नहीं देता। आधुनिक कारों में इस्तेमाल होने वाले टायर अच्छी गुणवत्ता के होते हैं, जिनमें हवा लंबे समय तक बनी रहती है और जल्दी रिसाव नहीं होता। विशेषज्ञों का कहना है कि टायरों में सही एयर प्रेशर बनाए रखना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। यदि टायरों में निर्धारित मात्रा में हवा भरी जाए तो इससे माइलेज बेहतर मिलता है और टायर भी सुरक्षित रहते हैं। हालांकि लगातार लंबी दूरी और तेज रफ्तार में वाहन चलाने वाले लोगों के लिए नाइट्रोजन गैस कुछ हद तक फायदेमंद हो सकती है, क्योंकि इससे टायर अपेक्षाकृत कम गर्म होते हैं। सामान्य उपयोग में हालांकि साधारण हवा भी पर्याप्त मानी जाती है। बता दें कि भीषण गर्मी का असर वाहनों के टायरों पर भी देखने को मिलता है। तेज गर्मी के कारण टायर जल्दी गर्म हो जाते हैं, जिससे उनकी परफॉर्मेंस और उम्र पर असर पड़ सकता है। सुदामा/ईएमएस 01 जून 2026