- पिछले साल इसी महीने जीएसटी संग्रह 1.88 लाख करोड़ रुपये था नई दिल्ली (ईएमएस)। देश की आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मक संकेत देते हुए मई में सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह 3.2 प्रतिशत बढ़कर 1.94 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति में सुधार तथा आयात से मिलने वाले कर संग्रह में लगातार बढ़ोतरी इस वृद्धि के प्रमुख कारण रहे। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार मई 2024 में कुल जीएसटी संग्रह 1.94 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 1.88 लाख करोड़ रुपये था। यह वृद्धि मुख्य रूप से घरेलू लेनदेन में आई तेजी से प्रेरित है, जहां कर योग्य वस्तुओं की आपूर्ति में 26.9 प्रतिशत और सेवाओं के क्षेत्र में 22.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जो क्रमशः घरेलू मांग और खपत में तेजी का संकेत देती है। आयात से प्राप्त एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) संग्रह भी 19.1 प्रतिशत बढ़कर 59,654 करोड़ रुपये हो गया, जो औद्योगिक क्षमता के विस्तार का सूचक है। रिफंड समायोजित करने के बाद, मई का शुद्ध जीएसटी राजस्व 3.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ लगभग 1.67 लाख करोड़ रुपये रहा। यह अप्रैल के 2.43 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड-उच्च संग्रह के बाद भी राजस्व की मजबूत गति को बनाए रखता है। सतीश मोरे/01जून ---