अंतर्राष्ट्रीय
01-Jun-2026


वाशिंगटन,(ईएमएस)। मध्य पूर्व में कई सप्ताह से लागू नाजुक युद्धविराम के बीच, फिर बारूद की गूंज सुनाई दी है। अमेरिकी सेना ने बताया कि सप्ताहांत में ईरान द्वारा एक अमेरिकी एमक्यू-1 प्रीडेटर ड्रोन को मार गिरने के जवाब में, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के रडार और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों पर भारी बमबारी की। इस हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी सैन्य कार्रवाई की बात स्वीकार की है। वहीं, पड़ोसी देश कुवैत ने सोमवार सुबह खुद पर ड्रोन और मिसाइल हमले होने का दावा किया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। कुवैत ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने इन हमलों को लक्ष्य तक पहुंचने से रोकने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी। यह घटना तब हुई है जब अमेरिकी और ईरानी अधिकारी इस युद्धविराम की अवधि को बढ़ाने के लिए समझौते पर बातचीत करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ताजा हमलों ने इस प्रयास को झटका दिया है। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ बनाए हुए है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस बीच, इजराइल ने लेबनान में लितानी नदी से आगे भी कब्जा किया है, जबकि उग्रवादी समूह हिजबुल्ला इजराइल पर ड्रोन हमले जारी रखे हुए है, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हुई है। अमेरिकी सेना की ‘सेंट्रल कमांड’ ने बताया कि शनिवार और रविवार को ईरान में गेरुक शहर और केशम द्वीप के आसपास सीमित और सोच-समझकर हमले किए। इन हमलों को ईरान की आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब में किया गया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी ड्रोन को मार गिराना शामिल था। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, एक जमीनी नियंत्रण केंद्र और दो ड्रोन को नष्ट कर दिया, जो क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहे पोतों के लिए स्पष्ट खतरा पैदा कर रहे थे। सेना ने स्पष्ट किया कि इन हमलों में कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ। उधर, ईरानी अर्द्धसैन्य बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने बताया कि अमेरिकी बलों ने एक द्वीप पर दूरसंचार टावर को निशाना बनाया, जिसके जवाब में उन्होंने भी जवाबी हमला किया। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सलाहकारों से मुलाकात की थी, लेकिन उन्होंने अभी यह तय नहीं किया है कि युद्धविराम की अवधि बढ़ाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के समझौते पर आगे बढ़ना है या नहीं। ईरान ने कहा है कि समझौते को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। ट्रंप ने पोस्ट में लिखा, ईरान सचमुच समझौता करना चाहता है और यह अमेरिका एवं हमारे साथ खड़े देशों के लिए अच्छा समझौता होगा।’ हालांकि, ताजा हमलों के मद्देनजर, इस समझौते की संभावना अब और भी अधिक अनिश्चित दिखाई दे रही है। आशीष दुबे / 01 जून 2026