5 आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज जबलपुर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के नाम से कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने के मामले में पांच आरोपियों को राहत नहीं मिली है। दशम अपर सत्र न्यायाधीश संजोग सिंह वाघेला की अदालत ने शिल्पा पाण्डेय, मधुलता दुबे, शिवांक दुबे, शिवानी चतुर्वेदी और अनूप चतुर्वेदी की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अभियोजन के अनुसार, जबलपुर निवासी वीरेन्द्र पाण्डेय ने 15 मई 2023 को रजिस्ट्रार जनरल, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को शिकायत प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि आरोपियों ने आपराधिक पुनरीक्षण प्रकरण क्रमांक 523/19 में हाईकोर्ट के नाम से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनका उपयोग किया और उससे अनुचित लाभ प्राप्त किया। शिकायत के बाद की गई जांच में कथित रूप से नोटिस और एक्नॉलेजमेंट की कूट रचना सामने आई, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद दोबारा दर्ज हुई एफआईआर …. मामले में फरियादी ने बाद में जेएमएफसी न्यायालय के समक्ष धारा 156(3) के तहत आवेदन प्रस्तुत किया था। न्यायालय के निर्देश पर थाना ओमती में एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन शिकायतकर्ता ने इसे त्रुटिपूर्ण बताते हुए हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की| हाईकोर्ट के 8 अप्रैल 2026 के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120-बी और 34 के तहत नए सिरे से प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद दायर अग्रिम जमानत आवेदन पर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत अदालत ने याचिका निरस्त कर दी। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजकुमार सोनी, आदर्श सोनी, राकेश सोनी और निधि कुशवाहा ने पैरवी की। सुनील साहू / शहबाज / 01 जून 2026/ 05.54