राष्ट्रीय
01-Jun-2026


-55 लाख विक्रेता हुए डिजिटल नई दिल्ली (ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (स्वनिधि) योजना की छठवीं वर्षगांठ पर इसकी व्यापक सफलता के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि कैसे इस पहल ने 75 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडरों के जीवन को बदला है और 55 लाख से अधिक विक्रेताओं को डिजिटल रूप से ताकतवार बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह योजना विश्वास, सम्मान और सशक्तिकरण के सिद्धांतों पर आधारित है, जिसने अनौपचारिक क्षेत्र के लाखों श्रमिकों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट में बिना गारंटी वाले ऋण की सुविधा प्रदान कर अनगिनत स्ट्रीट वेंडरों को सशक्त बनाने में योजना की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने लिखा, एक ऐसी योजना जिसने बिना गारंटी वाले ऋण, वित्तीय समावेशन और विकास के नए मौके प्रदान करके अनगिनत स्ट्रीट वेंडरों के जीवन को बदल दिया है। उन्होंने सभी लाभार्थियों की दृढ़ता और उद्यमशीलता की भावना को सराहा, जो देश की अर्थव्यवस्था को निरंतर मजबूत कर रहे हैं। 2020 में शुरू हुई यह योजना, अनौपचारिक शहरी अर्थव्यवस्था में कार्यरत विक्रेताओं को सहायता प्रदान करने वाली एक प्रमुख पहल के रूप में उभरी है। स्वनिधि ने केवल बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराने तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया, संस्थागत ऋण तक पहुंच में सुधार किया और सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार किया। अब तक, देशभर के शहरों और कस्बों में 1.12 करोड़ से अधिक ऋण वितरित किए जा चुके हैं, जिसमें 17,800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई है। इस योजना का प्रभाव केवल आधिकारिक आंकड़ों में ही नहीं, बल्कि विक्रेताओं के दैनिक जीवन में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जहाँ वे मजबूत और अधिक टिकाऊ आजीविका का निर्माण कर रहे हैं। 75.5 लाख से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित करने और 55 लाख से अधिक को डिजिटल रूप से जोड़ने के साथ, पीएम स्वनिधि ने पिछले छह वर्षों में देशभर में एक उल्लेखनीय परिवर्तन लाया है, जिससे लाखों लोगों के लिए वित्तीय स्वतंत्रता और सम्मान का मार्ग प्रशस्त हुआ है। आशीष दुबे / 01 जून 2026