क्षेत्रीय
01-Jun-2026


० सभी 70 वार्डों में सतर्कता, जनजागरूकता और जल शुद्धीकरण पर रहेगा विशेष फोकस रायपुर (ईएमएस)। संबित मिश्रा ने राजधानी रायपुर में संक्रामक रोगों की संभावनाओं को देखते हुए नगर निगम अधिकारियों को व्यापक रोकथाम अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतते हुए निरंतर निगरानी रखने तथा जनहित में प्रभावी बचाव उपाय सुनिश्चित करने को कहा है। आयुक्त ने निर्देशित किया है कि नागरिकों को डेंगू, मलेरिया, उल्टी-दस्त, पीलिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के लक्षण, कारण एवं बचाव के उपायों की जानकारी विभिन्न माध्यमों से दी जाए। विशेष रूप से डेंगू की रोकथाम के लिए घरों के कूलरों की नियमित सफाई करने और जल जमाव नहीं होने देने के संबंध में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही झुग्गी-बस्तियों और स्लम क्षेत्रों में सघन जनसंपर्क एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को निगम क्षेत्र के सभी निजी एवं सार्वजनिक कुओं में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर डालकर जल को कीटाणुरहित करने के निर्देश दिए हैं। आवश्यकता के अनुसार सप्ताह में एक या दो बार यह कार्य किया जाएगा। साथ ही बोरिंग, हैंडपंप और पावर पंपों में ब्लीचिंग पाउडर एवं ब्लीचिंग लिक्विड के माध्यम से जल शुद्धीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश जलप्रदाय विभाग को दिए गए हैं। निगम आयुक्त ने जलप्रदाय विभाग को शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पेयजल के नमूने नियमित रूप से लेकर उनकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। सभी जोन कमिश्नरों एवं जल विभाग के अधिकारियों को हैंडपंप, बोरिंग और पावर पंपों की समयबद्ध मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही हैंडपंपों के आसपास चबूतरा निर्माण और जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया है। आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि जहां पेयजल संकट की स्थिति है, वहां नागरिकों को आवश्यकता के अनुसार टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ एवं क्लोरीनयुक्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न न हो। नगर निगम के जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों को सब्जी बाजारों, होटलों, जलपान गृहों, गन्ना एवं फलों के रस की दुकानों, आइसक्रीम पार्लरों, बेकरी, मटन और चिकन दुकानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान सड़े-गले फल, सब्जियां, मिठाइयां, मटन, मछली एवं अन्य खराब खाद्य पदार्थ पाए जाने पर उनके विनिष्टीकरण (नष्ट करने) की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में साप्ताहिक रिपोर्ट भी स्वास्थ्य विभाग को प्रस्तुत की जाएगी। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/01 जून 2026