अंतर्राष्ट्रीय
02-Jun-2026
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पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद वाशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चली आ रही तनातनी और कूटनीतिक गतिरोध के जल्द खत्म होने के सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मीडिया नेटवर्क से विशेष बातचीत के दौरान यह उम्मीद जताई है कि ईरान के साथ बहुप्रतीक्षित व्यापक शांति समझौता अगले सप्ताह के भीतर संपन्न हो सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक, यदि यह समझौता उम्मीद के मुताबिक फाइनल हो जाता है, तो इसके तुरंत बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील तेल आपूर्ति जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी दोबारा यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। अमेरिकी प्रशासन इस समझौते को लेकर बेहद गंभीर है, हालांकि ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि इस पूरी वार्ता के आड़े एक छोटी सी क्षेत्रीय समस्या आ रही है, जिसे अगले कुछ दिनों में सुलझा लिया जाएगा। उनका सीधा इशारा लेबनान पर इजरायली सेना द्वारा किए जा रहे हमलों की तरफ था, जिसे लेकर ईरान ने कड़ी नाराजगी जताई है। इस कूटनीतिक प्रयास को किसी भी बड़ी सैन्य विजय से ज्यादा महत्वपूर्ण बताते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे एक बड़े और ऐतिहासिक हित में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए उन्होंने सीधे तौर पर हिज्बुल्लाह और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, दोनों पक्षों से बात कर गोलीबारी और बमबारी को रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं, जिसके बाद सीमा पर हमलों में कमी आई है। गौरतलब है कि यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ व्यापक शांति समझौते की दिशा में क्षेत्रीय तनाव को कम करने का लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन इजरायल द्वारा लेबनान में जमीनी अभियान के विस्तार की मांग ने वार्ताओं के लिए पेचीदगियां खड़ी कर दी हैं। शांति बहाली की इस मुहिम के तहत पिछले 48 घंटों में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अलग-अलग दौर की गहन बातचीत की है। इस बीच, युद्धविराम की शर्तों, इजरायली सैनिकों की वापसी और दक्षिणी लेबनान में लेबनानी सेना की तैनाती जैसे गंभीर मुद्दों पर दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने पेंटागन में भी एक उच्च स्तरीय बैठक की है। राजनयिकों के बीच इस हफ्ते एक और महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है। वीरेंद्र/ईएमएस/02जून2026