- कैट ने सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन धमतरी (ईएमएस)। जिले में राज्य सरकार द्वारा नए ट्रेड लाइसेंस आदेश जारी किए जाने के बाद व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई है। आदेश के विरोध में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के पदाधिकारी कलेक्टोरेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर राहत की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि वे पहले से ही संपत्ति कर, समेकित कर, सफाई कर, पानी कर और बिजली बिल जैसे कई टैक्सों का बोझ उठा रहे हैं। ऐसे में नया ट्रेड लाइसेंस नियम उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन गया है। कैट के जिला पदाधिकारी महेश जसूजा, अशोक नोतवानी, प्रमोद गुप्ता और रवि मुंजवानी ने कहा कि ऑनलाइन व्यापार और जीएसटी के बाद छोटे व्यापार पहले ही संकट में हैं, अब नया शुल्क लागू होने से स्थिति और कठिन हो जाएगी। व्यापारियों रामचंद वाधवानी, प्रकाश भोजवानी और कल्याण दास मूलवानी ने आरोप लगाया कि यह एक तरह का नया आर्थिक बोझ है, जिससे छोटे दुकानदारों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। उनका कहना है कि सरकार को राहत देने के बजाय लगातार टैक्स का दबाव बढ़ाया जा रहा है। नई व्यवस्था के अनुसार ट्रेड लाइसेंस शुल्क दुकान के आकार के आधार पर तय किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर 200 वर्गफीट की दुकान पर करीब 1200 रुपये वार्षिक शुल्क देना होगा, जबकि बड़े उद्योगों और राइस मिलों पर यह राशि 10 हजार से 30 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस आदेश पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो आंदोलन की रणनीति भी बनाई जा सकती है। - (ईएमएस)02 जून 2026