राज्य
02-Jun-2026


- कहीं बना फर्जी जेल सुपरिटेंडेंट, तो कहीं बैंक मैनेजर - नौकरी के नाम पर 3.5 लाख और बैंक अधिकारी बनकर बुजुर्ग से 2.09 लाख की धोखाधड़ी - पुलिस जांच में जुटी अलुवा/एर्नाकुलम (ईएमएस)। केरल में शातिर ठगों और साइबर अपराधियों का जाल लगातार पैर पसार रहा है। राज्य में धोखाधड़ी के दो अलग-अलग सनसनीखेज मामले सामने आए हैं, जिसने पुलिस प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। अलुवा में जहाँ एक जालसाज ने खुद को जेल सुपरिटेंडेंट बताकर एक महिला से नौकरी दिलाने के नाम पर 3.5 लाख रुपये ठग लिए, वहीं एर्नाकुलम में एक बुजुर्ग शख्स को अपना शिकार बनाते हुए साइबर ठगों ने उनके खाते से 2.09 लाख रुपये उड़ा दिए। दोनों ही मामलों में पीड़ितों की उम्र 66 वर्ष है और पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले मामले में अलुवा के कीझमद की रहने वाली 66 वर्षीय महिला ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। आरोपी ने खुद को तिरुवनंतपुरम जेल का सुपरिटेंडेंट और बेहद रसूखदार व्यक्ति बताते हुए महिला को अपने जाल में फंसाया था। उसने महिला के छोटे बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया और इसके एवज में 5 लाख रुपये की मांग की। आरोपी के झांसे में आकर महिला ने मई 2023 में पहली किस्त के रूप में अपने घर पर ही उसे 1 लाख रुपये नकद दे दिए। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग किस्तों में महिला से कुल 3.5 लाख रुपये ऐंठ लिए। लंबे समय तक इंतजार करने के बाद जब न तो बेटे को नौकरी मिली और न ही पैसे वापस मिले, तब जाकर ठगी का अहसास होने पर पीड़ित महिला ने न्याय की गुहार लगाई। अलुवा पुलिस ने सोमवार को इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है। दूसरा मामला एर्नाकुलम ग्रामीण साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन का है, जहाँ एक 66 वर्षीय बुजुर्ग डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार हो गए। पीड़ित के पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसमें कॉल करने वाले शातिर अपराधी ने खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का कस्टमर केयर अधिकारी बताया। बातों ही बातों में फर्जी अधिकारी ने बुजुर्ग का भरोसा जीता और उनके बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारियां हासिल कर लीं। इसके तुरंत बाद ठग ने बुजुर्ग और उनके परिवार के अन्य खातों में सेंध लगाते हुए कुल 2.09 लाख रुपये बड़ी चालाकी से ट्रांसफर कर लिए। यह साइबर ठगी जनवरी 2026 में अंजाम दी गई थी, जिसकी गहन तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और कॉल रिकॉर्ड्स को खंगालने में जुटी है। रामयश / ईएमएस 02 जून 2026