राज्य
02-Jun-2026


पटना, (ईएमएस)। बिहार में संभावित बाढ़ की चुनौती को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग ने बाढ़ अवधि के दौरान इंजीनियरों और संबंधित अधिकारियों की सभी प्रकार की छुट्टियां 1 जून से 31 अक्टूबर 2026 तक रद्द कर दी हैं। विभागीय सचिव चंद्रशेखर सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इस अवधि में क्षेत्रीय स्तर पर किसी भी अधिकारी या अभियंता को अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में मुख्य अभियंता की अनुशंसा और मुख्यालय की अनुमति के बाद ही छुट्टी मिल सकेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बाढ़ सुरक्षा कार्यों में लगे अभियंताओं को अन्य कार्यों से मुक्त रखकर पूरी तरह तटबंधों की निगरानी और बाढ़ नियंत्रण कार्यों में लगाया जाएगा। बाढ़ के दौरान त्वरित संचार और निगरानी के लिए सभी अभियंताओं के मोबाइल नंबरों की सूची तैयार कर साझा करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अधिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मोबाइल ट्रैकिंग व्यवस्था भी लागू की गई है। विभाग ने 184 वायरलेस सेट उपलब्ध कराए हैं और इंजीनियरों की 24 घंटे रोस्टरवार ड्यूटी तय की गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए छह विशेष दलों का गठन भी किया गया है। पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता महसूस होने के बाद इस बार जून से अक्टूबर तक प्रत्येक महीने के पहले सप्ताह में समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। सभी जिलों को बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर नियमित रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने तटबंधों के कमजोर हिस्सों की मरम्मत, संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों की मरम्मत तथा महामारी रोकथाम के लिए आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। इस वर्ष बाढ़ पूर्व सुरक्षा के तहत राज्य में 384 योजनाओं का कार्य पूरा किया गया है, जिन पर 1117.28 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। बाढ़ संबंधी शिकायतों और सूचनाओं के लिए जल संसाधन विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 0612-2206669, 0612-2215850 तथा टोल-फ्री नंबर 18003456145 जारी किए हैं, जो 24 घंटे कार्यरत रहेंगे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश देते हुए कहा है कि बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और बेहतर प्रदर्शन करने वालों को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए हैं। संतोष झा- ०२ जून/२०२६/ईएमएस