राज्य
02-Jun-2026


पटना, (ईएमएस)। बिहार के शिक्षा विभाग ने सरकारी शिक्षकों को प्रशिक्षण प्राप्त करने का एक और अवसर देने का निर्णय लिया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (डीपीओ) को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। एससीईआरटी के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान विभिन्न कारणों से प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके शिक्षकों को सत्र 2026-27 में प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य, बिहार विधानसभा चुनाव ड्यूटी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं या स्वीकृत अवकाश के कारण प्रशिक्षण से वंचित रहे शिक्षक शामिल होंगे। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि 1 जून से 20 जून 2026 तक ग्रीष्मावकाश अवधि में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग नहीं लेने वाले शिक्षकों के खिलाफ किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई नहीं की जाएगी। विभाग को जानकारी मिली थी कि कई शिक्षक पहले से तय कार्यक्रमों के तहत अवकाश के दौरान मुख्यालय से बाहर जाने की योजना बना चुके हैं। ऐसे शिक्षक यदि प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो पाते हैं तो उन्हें दंडित नहीं किया जाएगा। एससीईआरटी ने अपने पत्र में कहा है कि मॉडल स्कूलों और पीएम श्री विद्यालयों के संचालन के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता है। ग्रीष्मावकाश के बाद इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य सुचारु रूप से शुरू किया जाना है, इसलिए शिक्षकों का प्रशिक्षण आवश्यक माना गया है। विभाग के अनुसार यह प्रशिक्षण पांच दिवसीय आवासीय होगा। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले शिक्षकों को क्षतिपूर्ति अवकाश भी मिलेगा, जिसका उपयोग वे 31 दिसंबर 2026 तक कर सकेंगे। शिक्षा विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पात्र शिक्षकों की सूची तैयार कर उन्हें आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल करने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें। विभाग का उद्देश्य सभी शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है। बहरहाल इस निर्णय से राज्य के हजारों शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो प्रशासनिक जिम्मेदारियों, चुनाव ड्यूटी, स्वास्थ्य कारणों या अन्य परिस्थितियों के कारण प्रशिक्षण से वंचित रह गए थे। संतोष झा- ०२ जून/२०२६/ईएमएस