कोलकाता (ईएमएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मालदा जिले में हुई हिंसा और चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने के मामलों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने चार अलग-अलग मामलों में कुल 31 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। ये मामले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान सड़क जाम, सरकारी कार्यों में बाधा डालने और न्यायिक अधिकारियों को कथित रूप से रोकने से जुड़े हैं। एनआईए की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से सड़क अवरोध खड़े किए, सरकारी अधिकारियों की आवाजाही रोकी और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के कामकाज में हस्तक्षेप किया। एजेंसी का दावा है कि सभी आरोपी एक संगठित साजिश का हिस्सा थे, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करना था। चार्जशीट में डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजी प्रमाणों तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आरोप तय किए गए हैं। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 और पश्चिम बंगाल मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर एक्ट 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला उस समय राष्ट्रीय सुर्खियों में आया था जब मालदा में एक हिंसक भीड़ द्वारा न्यायिक अधिकारियों को घंटों तक रोके रखने की घटना सामने आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चतम न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया था और बाद में जांच एनआईए को सौंप दी गई थी। एनआईए ने कहा है कि जांच अभी जारी है और फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। एजेंसी की इस कार्रवाई को पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सुबोध/०२-०६-२०२६