राष्ट्रीय
03-Jun-2026
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पाकिस्तानी फंडिंग और स्लीपर सेल से जुड़े दशक पुराने मामले में कार्रवाई जम्मू,(ईएमएस)। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी नेटवर्क और उनके स्लीपर सेल के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस की आतंकवाद-रोधी जांच इकाई काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) ने घाटी के छह जिलों में एक साथ व्यापक छापेमारी कर संदिग्ध गतिविधियों की जांच को नई गति दी। यह कार्रवाई पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठनों और उनके स्थानीय नेटवर्क से जुड़े एक दशक पुराने मामले के सिलसिले में की गई। अधिकारियों के अनुसार हाल ही में प्राप्त खुफिया सूचनाओं, तकनीकी विश्लेषण और चल रही जांच के आधार पर आठ संदिग्ध ठिकानों की पहचान की गई थी। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर बुधवार तड़के श्रीनगर और बांदीपोरा में दो-दो स्थानों तथा कुपवाड़ा, अनंतनाग, कुलगाम और बारामूला में एक-एक स्थान पर एक साथ छापेमारी की गई। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यह मामला वर्ष 2015 में दर्ज किया गया था और इसका संबंध पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी संगठनों, उनके स्लीपर सेल नेटवर्क तथा जम्मू-कश्मीर में युवाओं की भर्ती, कट्टरपंथी विचारधारा के प्रसार और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने से है। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ संदिग्ध गोपनीय संचार माध्यमों के जरिए पाकिस्तान में बैठे आतंकी संचालकों के संपर्क में थे। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल निगरानी और तकनीकी जांच के दौरान कई संदिग्धों की गतिविधियां सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आई थीं। जांच में संकेत मिले कि एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन एप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर घाटी में चरमपंथी प्रचार सामग्री प्रसारित की जा रही थी। इन माध्यमों से युवाओं को प्रभावित करने और उन्हें कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे थे। छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों ने कई डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज डिवाइस और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। जब्त सामग्री की फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों, फंडिंग के स्रोतों और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से घाटी में सक्रिय स्लीपर सेल नेटवर्क को कमजोर करने और आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही जांच के दौरान प्राप्त नई जानकारियों के आधार पर आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। हिदायत/ईएमएस 03जून26