राष्ट्रीय
03-Jun-2026


कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हुआ है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा पार्टी सांसदों पर कथित हमलों के विरोध में आयोजित प्रदर्शन को लेकर सुवेंदु सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रदर्शन को न आम जनता का समर्थन मिला और न ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसमें अपेक्षित रुचि दिखाई। बीजेपी नेता घोष ने कहा कि जनता अपना जनादेश दे चुकी है और अब वह राजनीतिक प्रदर्शनों के बजाय विकास और प्रशासनिक कार्यों पर ध्यान चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है, जिसका असर हालिया प्रदर्शन में भी देखने को मिला। उनके अनुसार प्रदर्शन में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जनता इस तरह की राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बना रही है। दूसरी ओर, ममता बनर्जी ने कोलकाता के रानी रश्मोनी एवेन्यू में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। प्रदर्शन से पहले उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान टीएमसी के कई वरिष्ठ नेता, जिनमें सांसद कल्याण बनर्जी और डोला सेन शामिल थे, उनके साथ मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान नेताओं को संविधान की प्रति हाथ में लिए हुए भी देखा गया। यह विरोध प्रदर्शन टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी द्वारा लगाए गए हमले के आरोपों के बाद आयोजित किया गया। अभिषेक बनर्जी ने दावा किया था कि दक्षिण 24 परगना के दौरे के दौरान उन पर ईंट, पत्थर और अंडों से हमला किया गया, जिससे उन्हें चोट लगी। वहीं कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि चंदिताला थाना क्षेत्र के पास ज्ञापन सौंपने के दौरान उन पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई और वह बाल-बाल बच गए। इन आरोपों के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। टीएमसी ने विपक्षी दलों पर अपने नेताओं को निशाना बनाने और डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन घटनाओं के बाद राज्य में सियासी टकराव और तेज हो सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार आरोप लगा रहे हैं और आगामी राजनीतिक रणनीतियों को लेकर सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। आशीष दुबे / 03 जून 2026