राष्ट्रीय
03-Jun-2026


नई दिल्ली,(ईएमएस)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर छात्रों के बीच फैले भ्रम को दूर कर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है। सीबीएसई बोर्ड ने कहा है कि आवेदन शुल्क जमा करने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा या इंडियन बैंक में खाता होना अनिवार्य नहीं है। सीबीएसई ने जारी बयान में बताया कि पोर्टल पर इन चार बैंकों के पेमेंट गेटवे एकीकृत हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भुगतान केवल इन्हीं बैंकों के खातों से किया जा सकता है। छात्र किसी भी बैंक के खाते का उपयोग करते हुए विभिन्न डिजिटल माध्यमों से शुल्क जमा कर सकते हैं। बोर्ड के अनुसार, उम्मीदवार यूपीआई, नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के जरिए आसानी से भुगतान कर सकते हैं। पोर्टल पर उपलब्ध किसी भी पेमेंट गेटवे के माध्यम से यह सुविधा सभी आवेदकों के लिए उपलब्ध है। सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट किया कि पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन पोर्टल सुचारू रूप से काम कर रहा है। बोर्ड के मुताबिक, बुधवार सुबह 9:30 बजे तक लगभग 40 हजार छात्र सफलतापूर्वक अपने आवेदन जमा कर चुके थे। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी के लिए केवल सीबीएसई की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें। यह स्पष्टीकरण उस समय आया है जब कुछ रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया था कि केवल चार बैंकों के खाताधारक ही पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष की ओर से भी सवाल उठाए गए थे। सीबीएसई ने साफ किया है कि भुगतान व्यवस्था सभी छात्रों के लिए समान रूप से उपलब्ध है और किसी भी बैंक के ग्राहक बिना किसी परेशानी के आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आशीष दुबे / 03 जून 2026