राज्य
03-Jun-2026
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* आईटी, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मिलेगा नया प्रोत्साहन; एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए 100 करोड़ रुपये का ‘सर्विस सेक्टर ग्रोथ फंड’ प्रस्तावित गांधीनगर (ईएमएस)| मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। निर्णय की घोषणा करते हुए सरकार के प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी ने बताया कि देश में पहली बार गुजरात में सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) को विशेष प्राथमिकता देते हुए एक अलग ‘सर्विस कमिश्नरेट’ स्थापित करने तथा ‘सर्विस कमिश्नर’ का आधिकारिक पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए मंत्री वाघाणी ने कहा कि जिस प्रकार उद्योगों के विकास के लिए अलग उद्योग आयुक्तालय (इंडस्ट्रीज कमिश्नरेट) कार्यरत है, उसी प्रकार अब सेवा क्षेत्र के लिए यह नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। इसके माध्यम से गुजरात एक बार फिर देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात परंपरागत रूप से अपनी विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और औद्योगिक क्षमता के लिए जाना जाता है, लेकिन राज्य सरकार पिछले कुछ समय से अधिक संतुलित और गतिशील अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए सेवा क्षेत्र के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। ‘जीआरआईटी’ द्वारा गुजरात में सेवा क्षेत्र के सुदृढ़ और समग्र विकास के लिए सर्विस कमिश्नरेट की स्थापना का सुझाव दिया गया था। इसके तहत सर्विस कमिश्नरेट की स्थापना तथा सर्विस कमिश्नर की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। यह कमिश्नरेट राज्य और राष्ट्रीय हितों के अनुरूप विभिन्न सेवा उद्योगों को मजबूत आधार प्रदान करेगा। मंत्री वाघाणी ने कहा कि पारंपरिक उत्पादन-आधारित उद्योगों से आगे बढ़ते हुए गुजरात ने अब सेवा क्षेत्र आधारित आधुनिक विकास पर फोकस किया है। इसके परिणामस्वरूप आईटी, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के अनेक नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि यह कमिश्नरेट मुख्य रूप से राज्य के पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और लॉजिस्टिक्स सहित विभिन्न तेजी से बढ़ते सेवा क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने, नई नीतियां तैयार करने तथा बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने का प्रमुख केंद्र बनेगा। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में वैश्विक सफलता हासिल करने के बाद गुजरात अब सेवा क्षेत्र में भी देश का अग्रणी केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस ऐतिहासिक पहल के तहत सर्विस कमिश्नरेट के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए 100 करोड़ रुपये के प्रस्तावित ‘सर्विस सेक्टर ग्रोथ फंड’ की स्थापना की जाएगी। इस फंड का मुख्य उद्देश्य सेवा क्षेत्र में कार्यरत एमएसएमई और स्टार्टअप्स को समय पर तथा सुगमता से ग्रोथ कैपिटल उपलब्ध कराना है। मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह नई व्यवस्था गुजरात को सेवा क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं विविधतापूर्ण बनाएगी। सतीश/03 जून