* मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला गांधीनगर (ईएमएस)| गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ग्रीन और स्मार्ट सिटी’ विजन को साकार करने की दिशा में एक अहम निर्णय लिया गया। बैठक में राज्य में “गुजरात वायर-फ्री सिटी मिशन” को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई। सरकार के प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस महत्वाकांक्षी मिशन के तहत वर्ष 2030 तक गुजरात के सभी शहरों को चरणबद्ध तरीके से ‘वायर-फ्री’ बनाया जाएगा। प्रारंभिक चरण के लिए राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपये का प्रावधान भी मंजूर किया है। इस योजना के अंतर्गत राज्य की सभी 17 महानगरपालिकाओं और 151 नगरपालिकाओं को शामिल किया जाएगा। इससे शहरी क्षेत्रों की सुंदरता और सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा। मंत्री ने बताया कि इस मिशन के तहत शहरों में मौजूद ओवरहेड बिजली वितरण नेटवर्क को पूरी तरह भूमिगत (अंडरग्राउंड) केबल नेटवर्क में बदला जाएगा। इसमें 14,600 सर्किट किलोमीटर से अधिक हाई टेंशन और 31,400 सर्किट किलोमीटर से अधिक लो टेंशन ओवरहेड लाइनों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत किया जाएगा। पहले चरण में 11 केवी ओवरहेड लाइनों को भूमिगत केबल में बदला जाएगा, जिसके बाद लो टेंशन लाइनों का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंडरग्राउंड केबलिंग से तूफान और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तार टूटने या शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाएं नहीं होंगी। इससे तकनीकी खराबियों में कमी आएगी और नागरिकों को अधिक सुचारू, सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। प्रवक्ता मंत्री ने इसे 21वीं सदी के “स्मार्ट, सुंदर और सुरक्षित गुजरात” की दिशा में सरकार का एक ऐतिहासिक कदम बताया। सतीश/03 जून