लेख
04-Jun-2026
...


इन दिनों लगातार देश के अलग अलग हिस्सों से धर्म का चोला ओढ़ कर श्रद्धालुओं विशेषकर युवतियों को अपने जाल में फंसा कर अय्याशी नशाखोरी और बेतहाशा संपत्ति जुटाने के मामले सामने आ रहे हैं।सबसे ताजा मामला उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से सामने आया है. गोवर्धन थाना पुलिस ने धर्म की आड़ में लड़कियों का ब्रेनवाश कर उनका यौन शोषण करने वाले एक शातिर फर्जी बाबा को गिरफ्तार किया है. साधु का चोला ओढ़े इस आरोपी की पहचान अभिषेक मिश्रा उर्फ आदि कर्ता के रूप में हुई है. आरोपी मूल रूप से भुवनेश्वर का रहने वाला है और खुद एक मैकेनिकल इंजीनियर है. आरोपी पिछले 3 साल से गोवर्धन में रहकर ऑनलाइन माध्यम से पढ़ी-लिखी युवतियों को निशाना बना रहा था. पुलिस ने आरोपी के चंगुल से दो युवतियों और एक युवक को मुक्त कराया है. आरोपी के पास से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है जिसके बाद पुलिस विधिक कार्रवाई में जुट गई है. आपको बता दें कि गिरफ्तार किया गया आरोपी अभिषेक मिश्रा आइआइटीयन इंजीनियर और तकनीकी रूप से बेहद चालाक है. वह सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों पर भजन-कीर्तन मंडली बनाकर बीटेक और एमटेक पास उच्च शिक्षित युवतियों को अपने जाल में फंसाता था. आरोपी लड़कियों को अच्छे करियर पैकेज और आध्यात्मिक शांति का झांसा देकर गोवर्धन बुलाता था. यहां आने के बाद वह युवतियों का इस कदर मानसिक रूप से ब्रेनवाश कर देता था कि वे अपने घर-परिवार को भूलकर उसके समूह में शामिल हो जाती थीं. इसके बाद आरोपी गंधर्व विवाह के नाम पर उनके साथ जबरन संबंध बनाता और उनका शोषण करता था. पुलिस प्रशासन के मुताबिक, आरोपी ने अब तक दर्जनभर से अधिक महिलाओं और युवतियों को अपनी हवस और ठगी का शिकार बनाया है. गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी बाबा का मोबाइल फोन खंगाला तो उसमें से 25 से 30 अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीरें बरामद हुईं. पुलिस इन तस्वीरों और आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घिनौने सिंडिकेट में क्या कुछ और लोग भी शामिल हैं? एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि इस पूरे काले साम्राज्य का पर्दाफाश तब हुआ जब उड़ीसा की रहने वाली एक पीड़ित युवती ने इस नरक से निकलकर हिम्मत जुटाई और आरोपी के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तुरंत जाल बिछाकर आरोपी अभिषेक मिश्रा को दबोच लिया. छापेमार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बाबा के अवैध चंगुल से दो युवतियों और एक युवक को सकुशल छुड़ाया और उनके परिजनों से संपर्क कर उन्हें सुपुर्द कर दिया है. आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा दिया है. इससे पहले मार्च 2026 महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक स्वघोषित ज्योतिषी और तांत्रिक ने महिलाओं की आस्था और कमजोरियों का नृशंस फायदा उठाया। खुद को कैप्टन खरात, कॉस्मोलॉजी एक्सपर्ट और भविष्य देखने वाला बताने वाले अशोक खरात को पुलिस ने यौन शोषण, दुष्कर्म और ठगी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, उन्होंने कई महिलाओं को नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया और फिर उनका शोषण किया। बाद में स्पाई कैमरों से बने वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग का सिलसिला चलता था। एक 35 वर्षीय महिला की शिकायत पर शुरू हुई जांच में अब तक आठ मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और अंधश्रद्धा विरोधी कानून शामिल हैं। हाल ही में दो और दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें एक गर्भवती महिला भी शामिल है।शिकायत करने वाली युवती ने आरोप लगाया है पहली बार मिली, तो बोला कि तू मेरी बेटी है। तेरा कन्यादान मैं खुद करूंगा। शादी से पहले मुझे ऑफिस में बुलाया और रेप किया।ये आपबीती कैप्टन बाबा उर्फ अशोक खरात के खिलाफ पहली पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला की है। वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित और उनका परिवार बदनामी की वजह से सामने नहीं आना चाहता। ज्यादातर घर छोड़कर जा चुकी हैं। खरात पर अब तक 12 FIR दर्ज हो चुकी हैं। इनमें 8 सेक्शुअल हैरेसमेंट की हैं। पुलिस को 58 अश्लील वीडियो मिले हैं। जांच में सामने आया है कि 150 से ज्यादा महिलाएं रेप और सेक्शुअल हैरेसमेंट की शिकार हो सकती हैं एसआईटी ने खरात के ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें 58 से ज्यादा अश्लील वीडियो बरामद हुए,इनमें राज्य महिला आयोग की पदासीन अध्यक्ष के वीडियो भी मिले और उनको पदमुक्त कर दिया गया था। जो विभिन्न महिलाओं के साथ घटनाओं को दिखाते हैं। इसके अलावा 8 लाख रुपये नकद, एक पिस्तौल और बड़ी मात्रा में संपत्ति संबंधी दस्तावेज भी जब्त किए गए। बताया जाता है कि खरात ने मात्र 10-12 वर्षों में 1500 करोड़ रुपये का बेनामी साम्राज्य खड़ा कर लिया था। इसी तरह मार्च 2026 में महाराष्ट्र में आस्था के नाम पर ठगी और शोषण का मामला सामने आया है. वसई के ऋषिकेश वैद्य ने फेसबुक के जरिए एक महिला से दोस्ती की और खुद को भगवान शंकर और महिला को पार्वती बताकर उसे अपने जाल में फंसा लिया. आरोप है कि पुणे में उसे नशीला पदार्थ देकर रेप किया गया और उसकी तस्वीरें खींचकर ब्लैकमेल भी किया गया. पुलिस के मुताबिक आरोपी यही तरीका कई महिलाओं के साथ अपनाता था, खुद को दिव्य शक्तियों वाला बताकर उनका शोषण करता था. नाशिक में गिरफ्तार स्वयंभू बाबा अशोक खरात का मामला सामने आने के बाद पीड़िता को हिम्मत मिली और उसने शिकायत दर्ज कराई. धर्म का लबादा ओढ़ कर यौन शोषण करने वाले इन सफेदपोश अपराधियों की कड़ी में सितंबर 2025 में दक्षिण दिल्ली स्थित एक शिक्षण संस्थान से जुड़े स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर यौन शोषण और छात्राओं के करियर को बर्बाद करने जैसे संगीन आरोप लगे . खुद को आध्याात्मिक गुरु बताने वाला यह बाबा बड़ा कांडी निकला. एक या दो नहीं, बल्कि दर्जनभर से ज्या.दा छात्राओं ने चिन्मुयानंद पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोपी बाबा लंबे समय से छात्राओं के साथ खिलवाड़ कर रहा था. लेकिन कहते हैं न कि हर पापी के पाप का घड़ा एक दिन जरूर फूटता है. चिन्मैयानंद के साथ भी कुछ वैसा ही हुआ. काली दुनिया का राज जबसे सामने आया है, बाबा के घिनौने खेल का पर्दाफाश हुआ। चिन्म यानंद की काली दुनिया को लोगों के सामने लाने में श्री शारदा इंसटीट्यूट ऑफ इंड‍ियन मैनेजमेंट की एक पूर्व छात्रा और इंडियन एयर फोर्स के ग्रुप कैप्टोन ने अहम भूमिका निभाई. दरअसल, यह सनसनीखेज मामला तब सामने आया जब एक पूर्व छात्रा का पत्र और भारतीय वायुसेना के एक ग्रुप कैप्टन का ईमेल दोनों ही संस्थान को कुछ दिनों के अंदर प्राप्त हुए. इन शिकायतों ने शारदा पीठ और संस्थान की गवर्निंग काउंसिल को चौंका दिया. पूर्व छात्रा की चिट्ठी और ग्रुप कैप्टिन के ईमेल ने बाबा और उनके तीन महिला सहयोगियों की साजिश का पर्दाफाश कर दिया.बाद में दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद सरस्वती को गिरफ्तार कर पांच दिन की रिमांड पर लिया. बाबा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार लोकेशन बदलते हुए मथुरा, वृंदावन और आगरा में छिपा था. श्री श्री शारदा पीठम ने बाबा से सभी संबंध खत्म कर लिए हैं. बाबा जेल की सलाखों के पीछे है। ये वारदातों का सिलसिला बताता है कि विभिन्न आश्रमों संस्थाओं जादू टोना और आध्यात्मिक शक्ति का नाटक कर युवतियों को श्रद्धा और भक्ति के नाम पर फंसा कर कुछ अवांछनीय असामाजिक और यौन कुंठित लोग उनको ब्लेकमेल कर यौन शोषण करते हैं और तरह तरह से दबाव बना कर उनका आर्थिक शोषण भी कर रहे हैं। ऐसे तमाम लोगों से जागरूक होकर तथाकथित चमत्कार से बचना चाहिए ईश्वर का कोई एजेंट नही है न ही ईश्वर ऐसे दुराचारी कदाचारी के जप तप से मिल सकता है इन पापाचारी लोगों से बचना चाहिए और ऐसे लोगों से भयभीत होने के स्थान पर उनके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। ऐसे अपराधियों की करतूत से धर्म और अध्यात्म की वास्तविक पहचान कलंकित होती है जबकि हमारे देश में धर्म और अध्यात्म का विशेष महत्व है इस धूमिल होने से बचाना है। (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं पिछले 38 वर्ष से लेखन और पत्रकारिता से जुड़े हैं) (यह लेखक के व्य‎‎‎क्तिगत ‎विचार हैं इससे संपादक का सहमत होना अ‎निवार्य नहीं है) .../ 4 जून /2026