राज्य
04-Jun-2026


जयपुर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री निवास पर संबल सखी एवं माय भारत वॉलिंटियर्स से संवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-विकसित राजस्थान के विजन को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की युवा और महिला शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत है। युवा और महिलाएं जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने तथा सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं और प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाएं। उन्होंने कहा कि युवा, महिला, किसान, गरीब के उत्थान, कल्याण और सम्मान के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राज्य सरकार और आमजन के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी बनें, जिससे विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, डिजिटल सेवाओं, ई-गवर्नेंस, डिजिटल भुगतान और तकनीक आधारित सुविधाओं की जानकारी जरूरतमंदों तक पहुंचे और उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से देश में लिंगानुपात में सुधार हुआ, घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की सुनिश्चितता हुई। वहीं, उज्ज्वला योजना के जरिए धुएं से मुक्ति मिली और जन-धन खातों के खुलने से जरूरतमंदों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए महिलाओं के हाथ में घर की चाबी सौंपी गई। वहीं, आधी आबादी को उसका हक देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य में बेटियों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध करवाने के साथ ही प्रोत्साहन के रूप में स्कूटी दे रही है। इसके लिए अब सीधे उनके खातों में रुपये जमा करने का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के विकास के लिए सबसे पहले हमने जल उपलब्धता का रोडमैप बनाया, जिसके तहत राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, देवास परियोजना का विस्तार, आईजीएनपी एवं गंग नहर का सुदृढ़ीकरण, माही बांध परियोजना, सोम-कमला-अम्बा परियोजना, ब्राह्मणी नदी परियोजना जैसे कार्य प्रगति पर हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। इसी दिशा में हमने ढाई वर्ष में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाया है। वहीं, वर्ष 2027 तक प्रदेशभर में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने का लक्ष्य तय किया है तथा अब तक 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 4 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के क्रम में अब तक सवा लाख से अधिक पदों पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। वहीं, प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देकर निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए राइजिंग राजस्थान का आयोजन किया, जिसमें हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 9 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा रोजगार प्रदाता भी बनें। राजस्थान में कृषि पैदावार की विविधता के कारण प्रसंस्करण उद्योग में अपार संभावना है। इसी क्रम में युवा प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित कर अन्य लोगों को रोजगार दें और किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण में भी भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि राजस्थान देश में दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल है। हमारी सरकार दूध संकलन केंद्रों की संख्या एवं दूध प्रसंस्करण इकाइयों की क्षमता में वृद्धि कर रही है। साथ ही, पशुपालकों को 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दे रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की 6 हजार रुपये की किसान सम्मान निधि के अतिरिक्त राज्य सरकार भी 3 हजार रुपये की सम्मान निधि दे रही है। वहीं, किसानों को गेंहू की एमएसपी पर 150 रुपये का बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गांवों और शहरी वार्डों के विकास का रोडमैप भी बना रही है। इसमें वोकल फॉर लोकलÓ के जरिये स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, पंच गौरव के जरिए प्रत्येक जिले में एक खेल, एक वनस्पति, एक उपज, एक पर्यटन स्थल और एक उत्पाद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा राजस्थान की सबसे बड़ी ताकत है, यहां की 45 प्रतिशत आबादी 25 वर्ष से कम आयु की है। इसलिए युवा विकास, नवाचार, निवेश, रोजगार, शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में राजस्थान को देश में अग्रणी राज्य बनाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दें। अशोक शर्मा/ 5 बजे/ 4 जून 2026