क्षेत्रीय
04-Jun-2026
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- केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर को सौंपा ज्ञापन। धार (ईएमएस)। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा अधिकतम खुदरा मूल्य प्रणाली में सुधार एवं MRP मुद्रण पर कानूनी सीमा निर्धारित करने की मांग को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन केंद्रीय राज्य मंत्री एवं धार सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर को सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान MRP व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को मूल्य संबंधी पारदर्शिता प्रदान करना था, किंतु समय के साथ कई उत्पादों पर वास्तविक लागत की तुलना में अत्यधिक MRP अंकित कर उपभोक्ताओं को भ्रमित किया जा रहा है। बाद में भारी छूट का प्रचार कर वस्तुओं की बिक्री की जाती है, जिससे उपभोक्ता वास्तविक मूल्य का सही आकलन नहीं कर पाते। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने केंद्र सरकार से मांग की है कि उत्पादों की उत्पादन लागत एवं विक्रय लागत का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य किया जाए तथा MRP निर्धारण की अधिकतम सीमा तय करने के लिए प्रभावी कानून बनाया जाए। संगठन का मानना है कि इससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी, अनुचित मूल्य निर्धारण पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों, कॉस्मेटिक्स, वस्त्र एवं अन्य उपभोक्ता उत्पादों में उत्पादन लागत और MRP के बीच अत्यधिक अंतर देखने को मिलता है। इस स्थिति को नियंत्रित करने हेतु एक स्वतंत्र प्राधिकरण अथवा आयोग का गठन करने तथा कानूनों के कठोर पालन की आवश्यकता बताई गई। संयोजक महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए MRP व्यवस्था में सुधार समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाती है तो लाखों उपभोक्ताओं को अनुचित मूल्य वसूली से राहत मिलेगी। इस अवसर पर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत धार के जितेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश माधवचार्य, हार्दिक जाट, प्रकाश निगम, अंकित फकीरा उपस्थित थे। .../ 4 जून /2026