क्षेत्रीय
04-Jun-2026
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ग्वालियर ( ईएमएस ) | जिले में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने सभी निर्माण विभागों को श्रमिक पंजीयन अभियान को गति देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि निर्माण कार्यों में लगे शेष पात्र श्रमिकों के पंजीयन कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनवाए जाएँ तथा उन्हें प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में भी अनिवार्य रूप से पंजीकृत कराया जाए। कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में मध्यप्रदेश सड़क विकास प्राधिकरण एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित निर्माण कार्य स्थलों पर श्रम विभाग की टीम पहुँची। इस दौरान श्रम निरीक्षकों ने श्रमिकों की पहचान एवं पात्रता का सत्यापन कर लगभग आधा दर्जन श्रमिकों की अस्थायी समग्र आईडी तैयार कराई। साथ ही उनके प्रवासी श्रमिक कार्ड भी बनवाए गए। श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूक करते हुए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में पंजीयन के लिए प्रेरित किया गया। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने निर्माण विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिन निर्माण कार्यों में अधिक संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं, वहाँ विशेष शिविर आयोजित किए जाएँ। इन शिविरों में श्रमिक पंजीयन कार्ड, समग्र आईडी, प्रवासी श्रमिक कार्ड तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया एक ही स्थान पर पूर्ण कराई जाए, ताकि श्रमिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। - विभागीय कामगारों के पंजीयन पर भी जोर सभी विभाग प्रमुखों को भी निर्देश दिए गए हैं कि विभागीय कार्यालयों एवं कार्यक्षेत्र में कार्यरत ऐसे कर्मचारी, जिनकी भविष्य निधि (ईपीएफ) की कटौती नहीं हो रही है तथा जिनका मासिक वेतन 15 हजार रुपये या उससे कम है, उनका प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में पंजीयन सुनिश्चित कराया जाए। इसके लिए नागरिक सुविधा केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) अथवा स्वयं लॉगिन (सेल्फ रजिस्ट्रेशन) की सुविधा का उपयोग किया जा सकता है। श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ दिलाने पर प्रशासन का फोकस जिला प्रशासन का उद्देश्य शासन की मंशा के अनुरूप अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को पंजीकृत कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य एवं अन्य श्रमिक कल्याण योजनाओं से जोड़ना है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि अभियान को मिशन मोड में संचालित कर शत-प्रतिशत पात्र श्रमिकों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।