अंतर्राष्ट्रीय
05-Jun-2026
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- चीनी नास्त्रेदमस ने अमेरिका की यूएफओ फाइल्स पर की डरावनी भविष्यवाणी बीजिंग,(ईएमएस)। चीन के नास्त्रेदमस कहे जाने वाले प्रोफेसर जियांग ज्यूकिन ने ट्रंप प्रशासन द्वारा हाल ही में जारी किए गए यूएफओ फाइल्स पर एक डरावनी भविष्यवाणी की है। जियांग ज्यूकिन चीनी-कनाडाई शिक्षक और राजनीतिक विश्लेषक है। पहले भी कई भविष्यवाणियां कर चुके हैं, जिन्हें उनके समर्थक सही बताते हैं। अब उन्होंने यूएफओ को लेकर चेतावनी दी है कि यह सिर्फ एलियंस की बात नहीं, बल्कि समाज में बड़े अत्याचार होंगे और वह टूटेगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जियांग को चीन का नास्त्रेदमस इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के 2024 में वापस सत्ता में आने, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष जैसी कई घटनाओं की पहले से भविष्यवाणी की थी। अब उन्होंने ट्रंप सरकार द्वारा यूएफओ/ यूएपी फाइल्स जारी करने पर अपनी राय दी है। मई 2025 से ट्रंप प्रशासन ने पहले गुप्त रखे गए यूएफओ या यूएपी से जुड़े दस्तावेज, वीडियो और फोटो जारी करना शुरू कर दिया है। अब तक दो बड़ी रिलीज हो चुकी हैं। इनमें 46 वीडियो शामिल हैं जिनकी मांग कांग्रेस कर रही थी। इन फाइल्स में धातु के गोले, तेज गति से उड़ते ऑर्ब, आठ-नुकीले तारे जैसे चमकते ऑब्जेक्ट और सैन्य ठिकानों के ऊपर उड़ते अजीब बिंदु दिख रहे हैं। पायलट, इंटेलिजेंस अधिकारी और सैनिकों के पुराने बयान भी जारी किए गए हैं। इससे दुनिया में बहस छिड़ गई है कि क्या सरकारें एलियंस की जानकारी छिपा रही थीं। जियांग ने एक यूट्यूबर से बातचीत में कहा कि यूएफओ के पीछे एलियंस या एलियन टेक्नोलॉजी वाली बात बकवास है। उन्होंने कहा कि यह सब नॉनसेंस है। कोई एलियंस नहीं हैं। यह सिर्फ लोगों को ध्यान भटकाने का तरीका है उनके मुताबिक असली खतरा यूएफओ नहीं, बल्कि समाज का टूटना है। उन्होंने कहा कि लोग अलग-अलग डर और विश्वासों में बंटते जा रहे हैं। कोई यूएफओ में, कोई एआई में, कोई सरकारी षड्यंत्र में और कोई सुपर नेचुरल शक्तियों में। जियांग ने चेतावनी दी कि लोग अपने बुलबुले में रहने लगेंगे। आने वाले समय में जो अत्याचार होंगे, वे लोगों को पूरी तरह तोड़ देंगे। जियांग का कहना है कि लोग सच्चाई से मुंह मोड़कर आरामदायक कहानियों में जीना पसंद कर रहे हैं। वे आंखें और कान बंद करके सामान्य दुनिया में रहना चाहते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि साम्राज्य अंदरूनी कलह, थकान और विभाजन की वजह से गिरते हैं। जियांग ने सीईआरएन और एआई जैसे प्रोजेक्ट्स पर सवाल उठाए। सरकारें कणों को ढूंढने के लिए हजारों करोड़ डॉलर क्यों खर्च कर रही हैं? उन्होंने सीईआरएन को लेकर पुरानी षड्यंत्र थ्योरी का जिक्र किया कि यह इंटरडायमेंशनल पोर्टल खोलने की कोशिश कर रहा है। इसी तरह एआई को लेकर भी उन्होंने कहा कि कुछ लोग मानते हैं कि शक्तिशाली संस्थान इंसानी समझ से परे शक्तियों से संपर्क करना चाहते हैं। जियांग का तर्क है कि इतिहास में एलीट वर्ग हमेशा सुपर नेचुरल या इंटर डायमेंशनल शक्तियों में विश्वास रखता है। जियांग के मुताबिक सबसे बड़ा खतरा एलियंस नहीं, बल्कि डर, अनिश्चितता और अविश्वास से भरा समाज है। जब लोग हकीकत का सामना करने के बजाय काल्पनिक कहानियों में छिप जाते हैं तो राष्ट्र कमजोर पड़ जाते हैं। ट्रंप सरकार का यूएफओ डिस्क्लोजर जारी है। इसमें और फाइल्स आने वाली हैं। इससे वैज्ञानिक बहस तो बढ़ रही है, लेकिन जियांग जैसे विश्लेषक इसे सामाजिक विभाजन का कारण मान रहे हैं। जियांग की यह भविष्यवाणी विवादास्पद जरूर है, लेकिन यह हमें सोचने पर मजबूर करती है कि यूएफओ फाइल्स का असली मकसद क्या है- सच्चाई बताना या लोगों का ध्यान भटकाना? चाहे एलियंस हों या न हों, लेकिन समाज में बढ़ती दरार, अलग बुलबुलों में रहना और वास्तविक समस्याओं से मुंह मोड़ना वाकई चिंता का विषय है। सिराज/ईएमएस 05 जून 2026