- लगभग 3 किमी तक दौड़ाकर किया घायल - वन-विभाग ने कराया अंतिम संस्कार कोरबा (ईएमएस) जानकारी के अनुसार कोरबा वन मंडल के करतला रेंज अंतर्गत ग्राम पुरेना में आवारा श्वानो के हमले से एक चार वर्षीय चीतल की मृत्यु हो गई। अलसुबह तीन से चार श्वानो ने चीतल को लगभग तीन किलोमीटर तक दौड़ाया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बरपाली में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। वन विभाग के अनुसार, यह वर्ष 2026 की पहली वन्यजीव दुर्घटना है। ग्राम पंचायत पुरेना के सरपंच कृष्णा बिंझवार ने बताया कि मड़वारानी पहाड़ के नीचे स्थित तालाब और अन्य जल स्रोतों पर अक्सर हिरण और चीतल पानी पीने आते हैं। इसी कड़ी में अलसुबह करीब 6 बजे मंदिर की ओर से आए तीन-चार आवारा श्वानो ने एक चीतल का पीछा करना शुरू कर दिया और उसे दौड़ाते हुए ग्राम के पास तक ले आए। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना चौकीदार बुधराम यादव को दी। लोगों ने मिलकर श्वानो को भगाया, लेकिन तब तक चीतल गंभीर रूप से घायल हो चुका था। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम घायल चीतल को उपचार के लिए बरपाली स्थित सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी के पास लेकर पहुंची। चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद चीतल को बचाया नहीं जा सका और उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में चीतल का अंतिम संस्कार किया गया। वन विभाग के एसडीओ एस.के. सोनी ने बताया कि इस वर्ष वन्यजीव से जुड़ी यह पहली दुर्घटना है। उन्होंने कहा कि पूर्व में मड़वारानी क्षेत्र में आवारा श्वानो के हमलों से हर साल पांच से छह चीतलों की मृत्यु हो जाती थी। एसडीओ के अनुसार, जंगलों के भीतर जल स्रोत विकसित किए जाने के बाद वन्यजीवों का ग्रामो की ओर आना कम हुआ है, जिससे ऐसी घटनाओं में कमी आई है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में चौकीदार भी तैनात किए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में बड़ी संख्या में भालू, जंगली सुअर और अन्य वन्यजीव भी रहते हैं। इससे पहले भी कई बार आवारा श्वानो ने हिरणों और चीतलों पर हमला किया है, हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता से उनकी जान बच गई थी। वन विभाग ने लोगों से वन्यजीवों की गतिविधियों की सूचना तत्काल देने और आवारा श्वानो की समस्या पर सतर्क रहने अपील की है। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। 05 जून / मित्तल