राज्य
05-Jun-2026


पटना, (ईएमएस)। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक गेस्ट हाउस में भीषण आग लगने से 20 से अधिक लोगों की मौत के बाद बिहार पुलिस सतर्क हो गई है। सुरक्षा मानकों और कानूनी दस्तावेजों की जांच के लिए पटना और नालंदा जिले के सभी होटल एवं गेस्ट हाउसों का व्यापक निरीक्षण कराने का आदेश दिया गया है। मध्य क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) जितेंद्र राणा ने दोनों जिलों के सभी थाना प्रभारियों (एसएचओ) को तीन चरणों में यह अभियान पूरा करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों के अनुसार इस विशेष अभियान का उद्देश्य अवैध रूप से संचालित हो रहे प्रतिष्ठानों की पहचान करना और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। आईजी के निर्देश के अनुसार होटलों और गेस्ट हाउसों की जांच तीन अलग-अलग चरणों में की जाएगी। * पहला चरण: प्रतिष्ठानों की सूची तैयार करना इस चरण को 15 जून तक पूरा करना होगा। सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में संचालित होटलों और गेस्ट हाउसों की सूची तैयार कर संबंधित पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) को सौंपने का निर्देश दिया गया है। * दूसरा चरण: दस्तावेजों का सत्यापन 15 जून से 30 जून तक चलने वाले दूसरे चरण में पुलिस थानों के स्तर पर सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इस दौरान निम्नलिखित दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा- पर्यटन विभाग द्वारा जारी लाइसेंस, अग्निशमन विभाग (फायर विभाग) की अनुमति, नगर निकायों से प्राप्त स्वीकृतियां एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित दस्तावेज। अधिकारियों का कहना है कि जिन प्रतिष्ठानों के दस्तावेज अधूरे या संदिग्ध पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। * तीसरा चरण: मौके पर जाकर जांच अंतिम चरण में संबंधित थाना क्षेत्रों के एसएचओ होटलों और गेस्ट हाउसों का भौतिक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान यह देखा जाएगा कि- लाइसेंस की शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं, अग्नि सुरक्षा मानक लागू हैं या नहीं, आपातकालीन निकासी की व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं, भवन में सुरक्षा संबंधी आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं या नहीं। * वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी रिपोर्ट आईजी के निर्देश के अनुसार इस अभियान के पूरा होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट रूप से उल्लेख करना होगा कि किन प्रतिष्ठानों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं थे और उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई। आईजी जितेंद्र राणा ने कहा कि जिन होटलों और गेस्ट हाउसों के दस्तावेज अधूरे या अनुपलब्ध पाए जाएंगे, उनके खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण रिपोर्ट में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य अवैध रूप से संचालित हो रहे प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसना, सुरक्षा मानकों को लागू करना और भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना को कम करना है। संतोष झा- ०५ जून/२०२६/ईएमएस