क्षेत्रीय
05-Jun-2026
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बुरहानपुर (ईएमएस) । दस्तक हाल ही में जिले में आई तेज आंधी और तूफानी हवाओं ने क्षेत्र के केला उत्पादक किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। सैकड़ों एकड़ में फैली केले की फसल जमीन पर गिरकर पूरी तरह नष्ट हो गई। जिन पौधों को तैयार होने में महीनों की मेहनत और लागत लगी थी, वे कुछ ही घंटों में तबाह हो गए। इस आपदा ने किसानों की आर्थिक स्थिति को झकझोर कर रख दिया है। केला एक खड़ी फसल है, जिस में किसान खाद, पानी, मजदूरी और देखरेख पर काफी खर्च करते हैं। लेकिन अचानक आई प्राकृतिक आपदा के कारण उनकी सारी मेहनत बेकार हो गई। कई किसानों ने इस फसल के लिए कर्ज लिया था, जिसे चुकाना अब उनके लिए मुश्किल हो गया है। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से फसल फसल बीमा योजना की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार के द्वारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है फसल बीमा के माध्यम से किसानों को आपदाओं के समय उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके। लेकिन प्रदेश की गूंगी और बहरी सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। मंत्री और विधायक केवल आश्वासन दे रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार के प्रभारी मंत्री सांसद और विधायक के द्वारा नष्ट हुई फसलों का जायजा भी लिया गया लेकिन अब भी किसानों के हाथ खाली हैं सरकार को तुरंत सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करना चाहिए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देना चाहिए। साथ ही, फसल बीमा योजना को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसानों को ऐसी परिस्थितियों से राहत मिल सके। यदि समय रहते किसानों की मदद नहीं की गई, तो उनका खेती से विश्वास उठ सकता है, जो कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा साबित होगा। आबिद अहमद/05जून2026