क्षेत्रीय
05-Jun-2026
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भोपाल(ईएमएस)।भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, राज्य शाखा मध्य प्रदेश, भोपाल द्वारा दिनांक 5 जून 2026 से प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, राज्य शाखा मध्य प्रदेश के चेयरमैन डॉ. श्याम सिंह कुमरे आईएएस(से.नि.), जनरल सेक्रेटरी रामेंद्र सिंह, आयुक्त नि:शक्तजन डॉ.अजय खेमरिया, रेडक्रॉस सदस्य एवं अधिवक्ता शिशिर जाम्भोलकर, ट्रेनर डॉ. सुधीर शर्मा, राहुल चौबे, डॉ. सत्येंद्र सिंह बघेल सहित प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चैयरमैन डॉ. श्याम सिंह कुमरे ने कहा कि प्राथमिक उपचार का ज्ञान प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है। किसी भी दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति में समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस प्रशिक्षण का लाभ उठाने तथा अपने परिवार, समाज और राष्ट्रहित में इसकी जानकारी का उपयोग करने का आह्वान किया। चैयरमैन डॉ. श्याम सिंह कुमरे ने कहा कि प्राथमिक उपचार का ज्ञान शासकीय और अशासकीय दोनों क्षेत्रों में उपयोगी साबित होता है तथा इससे रोजगार और सेवा के अवसरों में भी लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा प्रदेश की विभिन्न जिला इकाइयों में नियमित रूप से प्राथमिक उपचार और सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है, जिससे आमजन को आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जा सके। जनरल सेक्रेटरी रामेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि फर्स्ट एड प्रशिक्षण न केवल स्वयं और परिवार की सुरक्षा में सहायक है, बल्कि समाज सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण से युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वयंसेवी सेवाओं के अवसर भी बढ़ते हैं। रामेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी में आज से प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण के दो बैच प्रारंभ किए गए हैं, जिनमें लगभग 40 विद्यार्थी अलग-अलग समय पर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यह प्रशिक्षण समाज के लिए अत्यंत उपयोगी एवं लाभकारी है, जिससे विद्यार्थियों को आपदा, दुर्घटना एवं स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में प्रभावी सहायता प्रदान करने का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षणार्थियों को नियमित रूप से प्रशिक्षण में भाग लेकर अपने कौशल का विकास करने तथा समाज सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संदेश दिया गया। धर्मेंद्र, ०५ जून, २०२६