क्षेत्रीय
05-Jun-2026


एसडीएम घुघरी के निर्देश में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, ग्रामीणों ने लगाए प्रशासन पर पक्षपात के आरोप मंडला (ईएमएस)। स्थानीय बस स्टैंड परिसर और मुख्य मार्ग पर लंबे समय से व्याप्त अतिक्रमण की समस्या पर आखिरकार प्रशासन ने कार्रवाई की। अवैध कब्जों के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई थी जिससे राहगीरों के साथ.साथ बसों के आवागमन में भी दिक् कते हो रही थीं। एसडीएम सचिन जैन के निर्देशन में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने पूरे परिसर को अतिक्रमण मुक्त किया। हालांकि इस बड़ी कार्रवाई का दूसरा पहलू भी सामने आया है। जनपद रोड पर ठेला लगाकर अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले छोटे दुकानदार के सामने अब रोजी.रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बुधवार को प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीन के साथ अचानक बस स्टैंड पहुंचा। जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान दुकानों के बाहर अवैध रूप से लगाए गए टिन शेड और तिरपालों को उखाड़ फेंका गया। इसके साथ ही बस स्टैंड के भीतर डिवाइडर के आसपास पैर पसार चुकीं दुकानों और ठेलों को पूरी तरह से हटा दिया गया। इस मुहिम के दौरान तहसीलदार सीके पटेल, थाना प्रभारी पूजा बघेल, राजस्व निरीक्षक बलराम भगत, पटवारी आशीष रंगारी, उप निरीक्षक रामकिशोर माथुरे, ग्राम पंचायत सरपंच यशोदा मरावी, उपसरपंच दुर्गेश चौकसे और सचिव शिवकुमार बैरागी सहित समस्त कोटवार और पुलिस बल मुस्तैद रहा। दुकानदारों और ठेला चालकों को चेताया प्रशासन ने घुघरी बस स्टैंड पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने मौके पर ही सभी दुकानदारों और ठेला चालकों को हिदायत दी कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या सड़क पर सामान फैलाया गया तो बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे सामान जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित के खिलाफ दंडात्मक प्रकरण भी दर्ज किया जाएगा। जनपद रोड से ठेले हटाने का अल्टीमेटम एक ओर प्रशासन जनपद पंचायत घुघरी रोड पर यातायात में होन वाली आगामी सुगमता को बड़ी कामयाबी मान रहा है। वहीं दूसरी ओर सड़क के किनारे ठेला लगाकर अपना एवं अपने परिवार का गुजर-बसर करने वाले छोटे और गरीब व्यापारी इस अतिक्रमण को लेकर परेशान हैं। दुकानदारों को 24 घंटे के भीतर अपने ठेले हटाने का अल्टीमेटम दिया है। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन और ग्राम पंचायत उन्हें नदी किनारे बाजार हाट में जाने को कह रहे हैं लेकिन यह क्षेत्र बरसात में बाढ़ से डूब जाता है। वहां कोई बाजार नहीं लगता जिससे उनका धंधा पूरी तरह ठप हो जाएगा। एवं भविष्य में उन्हें अपना व्यापार बन्द ही करना पड सकता है। ईएमएस/मोहने/ 06 जून 2026