अफगानिस्तान टेस्ट बन सकता है टर्निंग पॉइंट नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत अपने करियर के एक बेहद अहम दौर से गुजर रहे हैं। मैदान के भीतर और बाहर कई कठिन चुनौतियों का सामना कर चुके पंत के सामने अब एक बार फिर खुद को साबित करने की चुनौती है। गंभीर कार दुर्घटना से उबरकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार वापसी करने वाले पंत अब खराब फॉर्म और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण दबाव में हैं। ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाला एकमात्र टेस्ट उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आईपीएल 2026 का सीजन ऋषभ पंत और उनकी टीम लखनऊ सुपर जायंट्स दोनों के लिए निराशाजनक रहा। बतौर कप्तान और बल्लेबाज वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल पंत न तो बल्ले से प्रभाव छोड़ पाए और न ही टीम को सफलता दिला सके। खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें फ्रेंचाइजी की कप्तानी भी गंवानी पड़ी। स्थिति यहीं नहीं रुकी। अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर में खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट के लिए भारतीय टीम की उपकप्तानी भी उनसे वापस ले ली गई है। उनकी जगह केएल राहुल को उपकप्तान नियुक्त किया गया है। यह फैसला साफ संकेत देता है कि टीम प्रबंधन अब प्रदर्शन के आधार पर जिम्मेदारियां तय करने के पक्ष में है। दिलचस्प बात यह है कि ऋषभ पंत को उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है, लेकिन उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन टेस्ट क्रिकेट में देखने को मिला है। सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच टेस्ट प्रारूप ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। हालांकि अब यहां भी उनकी जगह पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा रही है। भारतीय क्रिकेट में विकेटकीपर बल्लेबाजों की प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है। केएल राहुल के अलावा ईशान किशन, संजू सैमसन और ध्रुव जुरेल लगातार अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। ऐसे में पंत के लिए हर मैच और हर पारी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। यदि अफगानिस्तान के खिलाफ उन्हें अंतिम एकादश में मौका मिलता है तो यह उनके करियर का एक निर्णायक अवसर साबित हो सकता है। टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत करने के लिए उन्हें बड़ी पारी खेलनी होगी। अगर इस प्रारूप में भी उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी राह और कठिन हो सकती है। पंत के टेस्ट करियर पर नजर डालें तो उन्होंने अब तक 49 टेस्ट मैचों में 3476 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 42.91 रहा है, जबकि उनके नाम 8 शतक और 18 अर्धशतक दर्ज हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरते ही वह अपने करियर का 50वां टेस्ट मैच खेलेंगे। इसके अलावा उन्होंने 76 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 1209 रन और 31 एकदिवसीय मैचों में 871 रन बनाए हैं। आंकड़े बताते हैं कि प्रतिभा और क्षमता की उनके पास कोई कमी नहीं है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें एक बार फिर अपने प्रदर्शन से जवाब देना होगा। यही कारण है कि अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाला मुकाबला उनके करियर का अहम मोड़ साबित हो सकता है। डेविड/ईएमएस 06 जून 2026