कार्ति चिदंबरम ने कहा गठबंधन की असल परीक्षा लोकल निकाय चुनावों में नई दिल्ली,(ईएमएस) तमिलनाडु की राजनीति में विधानसभा चुनाव के बाद बने नए समीकरणों के बीच कांग्रेस अपनी रणनीति को लेकर सतर्क दिख रही है। अभिनेता-राजनेता और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके के साथ गठबंधन कर कांग्रेस को सरकार में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी मिली है, लेकिन पार्टी फिलहाल इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिख रही है। कांग्रेस का संकेत है कि गठबंधन की वास्तविक सफलता भविष्य में होने वाले लोकल निकाय चुनावों और सत्ता में हिस्सेदारी के स्वरूप से तय होगी। बात दें कि टीवीके सरकार में कांग्रेस के दो विधायकों को कैबिनेट में स्थान मिला है। इसके अलावा राज्यसभा की एक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का आश्वासन दिया है। इसके बावजूद कांग्रेस नेतृत्व भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं को खुला रखना चाहता है। पार्टी सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि अभी तक गठबंधन सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसकी असली परीक्षा स्थानीय निकाय चुनावों में होगी। कार्ति चिदंबरम के अनुसार, यदि सत्ता और राजनीतिक अवसरों का उचित बंटवारा होता है, तब गठबंधन लंबे समय तक सफल रह सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सरकार में भागीदारी मिली है, लेकिन जमीनी स्तर पर सहयोग और तालमेल भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ने डीएमके से अलग होने के फैसले का बचाव कर कहा कि दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच लंबे समय से समन्वय की कमी महसूस हो रही थी। पार्टी का आरोप है कि स्थानीय निकाय चुनावों और सत्ता साझेदारी में कांग्रेस को अपेक्षित सम्मान और मौके नहीं मिल रहे थे। इसी कारण पार्टी नेतृत्व ने नए राजनीतिक रिश्तों की तलाश का निर्णय लिया। हालांकि कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया है कि तमिलनाडु में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का अर्थ राष्ट्रीय स्तर पर रिश्तों का अंत नहीं है। पार्टी का मानना है कि जैसे पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और केरल में वाम दलों के साथ राज्य स्तर पर मुकाबला होने के बावजूद राष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोग बना रहता है, उसी तरह डीएमके के साथ भी भविष्य में राजनीतिक सहयोग की संभावनाएं समाप्त नहीं हुई हैं। कांग्रेस के इस रुख से साफ है कि वह तमिलनाडु में टीवीके के साथ सत्ता साझेदारी का लाभ उठाते हुए भी डीएमके के साथ संवाद के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं करना चाहती और भविष्य की राजनीति के लिए सभी विकल्प खुले रखना चाहती है। आशीष दुबे / 06 जून 2026