नई दिल्ली (ईएमएस)। न्यू चंडीगढ़ के मुल्लानपुर स्टेडियम में जब तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा था, तब भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में धैर्य, तकनीक और मानसिक मजबूती का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। इस कठिन परिस्थितियों वाली पारी में उन्होंने अपने टेस्ट करियर का 12वां और अंतरराष्ट्रीय करियर का 22वां शतक जड़ा। तेज गर्मी और उमस से भरे इस मुकाबले में बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। शुरुआती ओवरों में अफगानिस्तान के गेंदबाजों ने अच्छी स्विंग और गति से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया, लेकिन केएल राहुल ने संयम से काम लेते हुए पारी को संभाला। उन्होंने जल्दबाजी के बजाय विकेट पर समय बिताया और धीरे-धीरे अपनी पारी को मजबूती दी। जैसे-जैसे धूप तेज होती गई, राहुल का आत्मविश्वास भी बढ़ता गया। उन्होंने स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ शानदार डिफेंस और सटीक शॉट चयन से रन बटोरे। 98 रन पर पहुंचने के बाद पूरा स्टेडियम उनकी सेंचुरी का इंतजार कर रहा था, और 61वें ओवर में उन्होंने दो रन लेकर अपना शतक पूरा किया। हालांकि शतक पूरा करने के तुरंत बाद वह ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके और 100 रन बनाकर आउट हो गए। उनकी इस पारी में 165 गेंदों पर 11 चौके शामिल रहे। शतक के बाद गर्मी और थकान के कारण राहुल बेहद थके हुए नजर आए, यहां तक कि मैदान पर उन्हें कुछ समय के लिए आराम भी करना पड़ा। टीम के फिजियो ने तुरंत उनकी देखभाल की और उन्हें राहत दी। इस शतक के साथ राहुल ने बतौर ओपनर भारतीय टेस्ट इतिहास में तेजी से आगे बढ़ते हुए सुनील गावस्कर, वीरेंद्र सहवाग और मुरली विजय जैसे दिग्गजों की सूची में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। यह पारी सिर्फ एक शतक नहीं, बल्कि परिस्थितियों से लड़कर हासिल की गई एक यादगार उपलब्धि बन गई। डेविड/ईएमएस 06 जून 2026