- स्थायी पार्किंग पर ही रहेगा बैन - किलांबक्कम टर्मिनस से ही बसें चलाने का सरकारी आदेश रद्द - कोर्ट ने सरकारी आदेश को बताया असंवैधानिक चेन्नई (ईएमएस)। मद्रास हाईकोर्ट ने चेन्नई में दक्षिण दिशा की ओर जाने वाली निजी ओमनी बसों के संचालन को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने तमिलनाडु सरकार और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के उस आदेश को पूरी तरह असंवैधानिक और अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है, जिसमें दक्षिण जाने वाली सभी ओमनी बसों को केवल किलांबक्कम बस टर्मिनस से ही संचालित करने का नियम बनाया गया था। न्यायमूर्ति जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन ने यह फैसला निजी ओमनी बस ऑपरेटरों और तमिलनाडु ओमनी बस ओनर्स एसोसिएशन की ओर से दायर की गई याचिकाओं पर लंबी सुनवाई के बाद सुनाया। इन याचिकाओं में आरटीए के साल 2024 के उस विवादास्पद आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसने निजी बस ऑपरेटरों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया था। आरक्षित किए गए सरकारी आदेश में यह अनिवार्य किया गया था कि दक्षिण दिशा की ओर जाने वाली सभी निजी बसें न केवल किलांबक्कम बस टर्मिनस से ही अपनी यात्रा शुरू और खत्म करेंगी, बल्कि यात्रियों को लेकर इन बसों के चेन्नई शहर की सीमा के भीतर प्रवेश करने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था। फिलहाल, हाईकोर्ट के एक पिछले अंतरिम आदेश के चलते ओमनी बसों को शहर के भीतर प्रशासन द्वारा तय किए गए विभिन्न पिकअप पॉइंट्स से यात्रियों को बैठाने की राहत मिली हुई थी, जिसे अब अदालत ने पूरी तरह बहाल रखा है। अपने इस फैसले में अदालत ने यह भी साफ कर दिया है कि वर्ष 2004 में हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा लगाए गए पुराने प्रतिबंध और नियम पूरी तरह से लागू रहेंगे। उस ऐतिहासिक आदेश के मुताबिक, चेन्नई शहर की मुख्य सड़कों पर निजी ओमनी बसों को स्थायी रूप से पार्क करने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, यात्रियों की सुविधा के लिए उन्हें बस में चढ़ाने (पिकअप) और उतारने (ड्रॉप) के लिए बसों को निर्धारित स्थानों पर अस्थायी रूप से रोकने की पूरी छूट रहेगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में अधिकारियों और बस ऑपरेटरों के बीच पिकअप व ड्रॉप पॉइंट्स को लेकर जो व्यवस्था चल रही है, वह आगे भी बिना किसी बाधा के जारी रह सकती है। इसके साथ ही, वरदराजापुरम में ओमनी बसों के लिए तय किए गए पार्किंग स्थल के उपयोग की व्यवस्था भी पहले की तरह ही बनी रहेगी, जिससे बस ऑपरेटरों और चेन्नई की आम जनता दोनों को बड़ी राहत मिली है। रामयश/ईएमएस 07 जून 2026