अंतर्राष्ट्रीय
07-Jun-2026
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-ट्रायल में इस मिसाइल प्रणाली ने एक स्टील्थ टारगेट ड्रोन को मार गिराया बीजिंग,(ईएमएस)। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने अपने नए और अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम एचक्यू-16एफ का सफल परीक्षण किया है। लाइव फायर ट्रायल के दौरान इस मिसाइल प्रणाली ने एक स्टील्थ टारगेट ड्रोन को मार गिराया। सबसे अहम बात यह है कि एचक्यू-16एफ की मारक क्षमता को पहले के मुकाबले लगभग चार गुना तक बढ़ा दिया गया है, जिससे चीन की हवाई सुरक्षा क्षमता में बड़ा इजाफा माना जा रहा है। वहीं, यह भी तय नहीं है कि चीन का यह एयर डिफेंस सिस्‍टम ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल को इंटरसेप्‍ट कर सकता है या नहीं। ब्रह्मोस मिसाइल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन के एचक्यू सीरीज के एयर डिफेंस सिस्‍टम को धता बता चुकी है। चीन ने पाकिस्‍तान को एचक्यू सीरीज की वायु सुरक्षा प्रणाली ही बेची है। बता दें वियतनाम भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने की योजना बना रहा है। फिलिपींस पहले ही य‍ह मिसाइल खरीद चुका है। अन्‍य पूर्वी एशियाई देशों ने भी ब्रह्मोस मिसाइल में अपनी गहरी रुचि दिखाई है। ऐसे में दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में बदलते माहौल को देखते हुए चीन बौखलाहट में है। एक्‍सर्ट मानते हैं कि खुद को ब्रह्मोस से घिरता देख चीन अपनी वायु सुरक्षा प्रणाली की ताकत बढ़ाने का प्रदर्शन कर रहा है। सबसे बड़ा बदलाव इसकी रेंज में देखने को मिला है। एचक्यू-16ए की अधिकतम मारक क्षमता 40 किलोमीटर थी, जबकि एचक्यू-16बी और एचक्यू-16सी लगभग 70 किलोमीटर तक लक्ष्य को भेद सकते थे। इसके विपरीत एचक्यू-16एफ अब 160 किलोमीटर तक के हवाई लक्ष्यों को निशाना बना सकता है। खास बात यह है कि यह उपलब्धि बिना लॉन्चिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव किए हासिल की गई है, जिससे मौजूदा सिस्टम के साथ इसकी संगतता बनी रहती है। तकनीकी रूप से एचक्यू-16एफ अभी भी रडार डायरेक्‍टेड इंटरसेप्शन तकनीक का उपयोग करता है, लेकिन इसमें आधुनिक डाटा लिंक और कमांड गाइडेंस फीचर्स जोड़े गए हैं। यह प्रणाली लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों, ड्रोन, क्रूज मिसाइलों और कुछ हद तक सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों को भी निशाना बनाने में सक्षम मानी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक एचक्यू-16एफ की एक और महत्वपूर्ण विशेषता इसका वर्टिकल लॉन्च सिस्टम है। इस तकनीक के कारण मिसाइल बैटरी को लक्ष्य की दिशा में घुमाने की जरुरत नहीं होती। सिस्टम किसी भी दिशा से आने वाले खतरे पर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षमता विशेष रूप से ड्रोन झुंड, मिसाइल सैल्वो और मल्टी-डायरेक्शनल हवाई हमलों के खिलाफ प्रभावी साबित हो सकती है। विश्लेषकों के मुताबिक एचक्यू-16एफ अब मध्यम दूरी और लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणालियों के बीच की पारंपरिक सीमा को धुंधला कर रहा है। इसकी रेंज चीन के एचक्यू-22 और शुरुआती एचक्यू-9 संस्करणों से भी अधिक बताई जा रही है। केवल एचक्यू-9बी, एचक्यू-19 और एचक्यू-29 जैसी उन्नत प्रणालियां ही इससे अधिक दूरी तक लक्ष्य भेद सकती हैं। सिराज/ईएमएस 07जून26