राज्य
07-Jun-2026
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सिवनीमालवा (ईएमएस) । नगरपालिका परिषद सिवनीमालवा द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। नगरपालिका द्वारा विकसित ‘नर्मदा अमृत’ ब्रांड जैविक खाद मॉडल का राज्य स्तर पर चयन किया गया, जिसके तहत विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागृह,भोपाल में आयोजित प्रदर्शनी में इस मॉडल का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नगरपालिका सिवनीमालवा द्वारा प्रदर्शित ‘नर्मदा अमृत’ जैविक खाद मॉडल का अवलोकन किया तथा इसकी कार्यप्रणाली एवं उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने मॉडल की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को प्रेरणादायी बताया। नगरपालिका परिषद सिवनी- मालवा द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत नगर के सभी 15 वार्डों से प्रतिदिन घर-घर कचरा संग्रहण, पृथक्करण एवं परिवहन का कार्य किया जा रहा है। एकत्रित कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण कर दमाड़िया स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र पर गीले कचरे से जैविक खाद तैयार की जाती है। इस खाद को ‘नर्मदा अमृत’ ब्रांड के नाम से किसानों को मात्र ₹.5 प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही नगरपालिका द्वारा संचालित पार्कों एवं पौधारोपण कार्यक्रमों में भी इसका उपयोग किया जा रहा है। प्रदर्शनी के दौरान नगरपालिका अध्यक्ष रितेश जैन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ‘नर्मदा अमृत’ जैविक खाद मॉडल की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर प्लास्टिक मुक्त अभियान के अंतर्गत कपड़े से निर्मित झोले एवं नगर में किए जा रहे विकास कार्यों से संबंधित ब्रोशर भी भेंट किए गए। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष रितेश जैन, मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमर सिंह उइके, स्वच्छता निरीक्षक डॉ. प्रशांत कुमार शर्मा, परियोजना समन्वयक सचिन मलैया सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। नगरपालिका अध्यक्ष रितेश जैन ने कहा कि प्रदेश स्तर पर नगर पालिका सिवनीमालवा के ‘नर्मदा अमृत’ जैविक खाद मॉडल का चयन होना पूरे नगर के लिए गौरव एवं सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन के प्रति जन-जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। कचरे के उचित प्रबंधन के माध्यम से जैविक खाद निर्माण की यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें परिषद, मीडिया एवं नगरवासियों का सराहनीय सहयोग प्राप्त हो रहा है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी अमर सिंह उइके ने बताया कि नगरपालिका द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 2026 नियमों के अनुरूप जैविक खाद तैयार कर किसानों को न्यूनतम दर पर उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल से एक ओर कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि निकाय भविष्य में भी सतत एवं नवाचार आधारित अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों को प्राथमिकता देता रहेगा। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय अधिकारी बृजेश शर्मा ने बताया कि नगर पालिका सिवनीमालवा ने कचरे का उचित प्रबंध करते हुए नर्मदा अमृत ब्रांड जैविक खाद मॉडल बनाया है इसका मेरे द्वारा उक्त मॉडल को देखा और जानकारियां प्राप्त की गई यह बहुत ही सराहनीय प्रदेश की सभी निकायों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के परिपालन में ही कार्य करना चाहिए जिसमें शहर से निकलने वाले कचरे का उचित प्रबंध करना सब की जिम्मेदारी है। ईएमएस/07 जून2026