* घर-घर पहुंचेंगी विशेष टीमें, तीन करोड़ से अधिक नागरिकों की होगी जांच अहमदाबाद (ईएमएस)| राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा रक्तपित्त (कुष्ठ रोग) के उन्मूलन के उद्देश्य से 8 जून से 30 जून तक पूरे गुजरात में राज्यव्यापी “रक्तपित्त रोगी खोज अभियान” चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य रोगियों को समय पर पहचान, उपचार और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि रोग के कारण उन्हें शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। इस कार्य में सेवाभावी नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा। अभियान के अंतर्गत राज्यभर में जनसंख्या तथा भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर दो स्तरों पर निगरानी और सर्वेक्षण किया जाएगा। निर्धारित क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश और ममता दिवस को छोड़कर आशा कार्यकर्ता बहनों तथा पुरुष स्वयंसेवकों की विशेष टीमें प्रत्येक घर का प्रत्यक्ष दौरा करेंगी। ये टीमें परिवार के सभी सदस्यों की रक्तपित्त संबंधी शारीरिक जांच करेंगी तथा लोगों को रोग के लक्षणों और बचाव के बारे में जागरूक करेंगी। राज्य के 12 प्राथमिकता वाले जिलों - वडोदरा, भरूच, नर्मदा, पंचमहल, दाहोद, महिसागर, छोटाउदेपुर, सूरत, नवसारी, वलसाड, डांग और तापी - के साथ वडोदरा तथा सूरत महानगर क्षेत्रों के कुल 98 तालुका और वार्डों में यह अभियान चलाया जाएगा। यहां 15,941 टीमों के माध्यम से अनुमानित 2 करोड़ 1 लाख 95 हजार 455 नागरिकों की जांच की जाएगी। इसके अतिरिक्त राज्य के अन्य 22 जिलों में 8 जून से 18 जून तक अभियान संचालित होगा। इनमें अहमदाबाद, सुरेन्द्रनगर, गांधीनगर, मेहसाणा, बनासकांठा, साबरकांठा, अरवल्ली, आनंद, भावनगर, बोटाद, अमरेली, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, राजकोट, मोरबी, जामनगर, खेड़ा, पाटन, देवभूमि द्वारका, कच्छ और पोरबंदर सहित वाव-थराद क्षेत्र तथा अहमदाबाद, गांधीनगर, राजकोट, भावनगर, जामनगर और जूनागढ़ महानगर क्षेत्रों के 175 तालुका एवं वार्ड शामिल हैं। यहां 6,158 टीमों द्वारा अनुमानित 54 लाख 54 हजार 163 नागरिकों की जांच की जाएगी। सर्वेक्षण के दौरान यदि किसी व्यक्ति में रक्तपित्त के संदिग्ध लक्षण पाए जाते हैं, तो स्वास्थ्य विभाग की टीमें उसे तत्काल जांच और उपचार के लिए निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सामान्य चिकित्सालय अथवा सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय में भेजेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण टीमों को पूरा सहयोग दें और रोग के लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के जांच एवं उपचार कराएं, ताकि रक्तपित्त मुक्त गुजरात के लक्ष्य को सफल बनाया जा सके। सतीश/07 जून